नवरात्रि पर्व की तैयारियों को लेकर निगमायुक्त ने जालपा मंदिर, रामलीला मैदान, जुलूस मार्ग एवं गाटर घाट का किया निरीक्षण,श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि, जुलूस मार्ग को गड्ढामुक्त करने सहित सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्दे
कटनी। शारदेय नवरात्र पर्व 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है। पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार आई.ए.एस. ने गुरुवार को जालपा देवी मंदिर पहुंच मार्ग, गोलबाजार स्थित रामलीला मैदान, स्टेशन रोड से आजाद चौक तक मुख्य जुलूस मार्ग तथा प्रतिमा विसर्जन स्थल गाटर घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जालपा मंदिर से हुई निरीक्षण की शुरुआत
निगमायुक्त ने जालपा वार्ड स्थित मां जालपा देवी मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया तथा नगरवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर के पुजारी श्री लालजी पंडा से संवाद कर नवरात्रि के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंदिर प्रवेश द्वार के समीप मार्ग के समतलीकरण तथा बजरंगबली मंदिर के पास खुली नालियों को ढकने के निर्देश दिए गए। क्षेत्रीय नागरिक श्री राजू अग्रवाल की मांग पर चौराहे पर इमली के पेड़ के पास नाली के बहाव को दुरुस्त करने के निर्देश भी क्षेत्रीय उपयंत्री को दिए। निगमायुक्त ने मंदिर के अन्य पहुंच मार्गों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
रामलीला मैदान की व्यवस्थाएं करें दुरुस्त
इसके बाद निगमायुक्त ने गोलबाजार स्थित रामलीला मैदान का निरीक्षण किया। प्रवेश द्वार पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए पानी की समुचित निकासी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। परिसर में अव्यवस्थित रूप से लगी दुकानों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दुकानों को व्यवस्थित कराने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। सुरक्षा की दृष्टि से क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल की आवश्यक मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
जुलूस मार्ग की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
नवरात्रि, जवारा एवं प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने निगमायुक्त ने पंचमुखी हनुमान मंदिर से सुभाष चौक, झंडा बाजार, सुक्खन चौक, आजाद चौक होते हुए गाटर घाट तक जुलूस मार्ग का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने मार्ग में मौजूद गड्ढों की अच्छी तरह फिलिंग कर मार्ग को गड्ढामुक्त करने, मार्ग किनारे के अस्थायी अतिक्रमण एवं निर्माण सामग्री हटाने तथा खुली नालियों को कवर करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत तारों को व्यवस्थित कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
गाटर घाट पर विसर्जन व्यवस्थाओं को लेकर दिए निर्देश
निगमायुक्त ने गाटर घाट पहुंचकर विसर्जन स्थल एवं कृत्रिम विसर्जन कुंड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मार्ग के समतलीकरण के साथ पर्याप्त आकार का व्यवस्थित अस्थायी विसर्जन कुंड तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एनजीटी एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
इस दौरान निगमायुक्त ने विसर्जन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, माइक, बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा प्रबंध पुख्ता करने के निर्देश भी दिए गए। गाटर घाट मार्ग में त्रिवेणी फर्नीचर के सामने स्थित पुराने कुएं का निरीक्षण कर उसकी सफाई कराने तथा गाटर घाट के समीप लो-लाइन एरिया में निर्माणाधीन भवनों एवं संबंधित भू-स्वामियों को नियमानुसार नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
समय-सीमा में पूरी हों सभी व्यवस्थाएं
निगमायुक्त सुश्री परिहार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नवरात्रि, जवारा विसर्जन एवं दशहरा चल समारोह को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, सड़क, जल निकासी, अग्निशमन एवं सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह निगम प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा, राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक, सहायक यंत्री आदेश जैन, अनिल जायसवाल, मृदुल श्रीवास्तव, राजस्व उप निरीक्षक विनोद सिंह चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

