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राखी का त्योहार: स्कूल से छुट्टी न मिलने पर भाई ने खिड़की से बंधवाई राखी, वायरल हुआ वीडियो

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राखी का त्योहार: स्कूल से छुट्टी न मिलने पर भाई ने खिड़की से बंधवाई राखी, वायरल हुआ वीडियो।तेलंगाना के मंचेरियल जिले से रक्षाबंधन के मौके पर एक वीडियो सामने आया जिसने लोगों को इस बात का अहसास दिलाया कि इस त्योहार का महत्व आज भी वैसे का वैसा ही है, जैसा पहले हुआ करता था. यहां बहनें भाई को राखी बांधने घर नहीं आ पाईं तो भाई उनकी स्कूल की खिड़की पर जा पहुंचा.

राखी का त्योहार भाई-बहनों के लिए हमेशा ही खास होता है. ऐसे कितने उदाहरण हैं जहां बहन से राखी बंधवाने के लिए भाई क्या-क्या नहीं करते. ऐसा ही एक मामला सामने आया तेलंगाना के मंचेरियल जिले से जहां बहन से राखी बंधवाने के लिए एक भाई उसके हॉस्टल की खिड़की पर चढ़ गया और वहीं उससे राखी भी बंधवाई. भाई-बहन के इस प्यार का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

तेलंगाना के मंचेरियल जिले से रक्षाबंधन के मौके पर एक वीडियो सामने आया जिसने लोगों को इस बात का अहसास दिलाया कि इस त्योहार का महत्व आज भी वैसे का वैसा ही है, जैसा पहले हुआ करता था. यहां बहनें भाई को राखी बांधने घर नहीं आ पाईं तो भाई उनकी स्कूल की खिड़की पर जा पहुंचा.

स्कूल में नहीं थी रक्षा बंधन की छुट्टी

दरअसल, तेलंगाना के मंचेरियल जिले के रामकृष्णपुर कस्बे में सोशल वेलफेयर गुरुकुल गर्ल्स स्कूल में रक्षाबंधन की छुट्टी नहीं थी इसलिए स्कूल में पढ़ने वाली दो लड़कियों को भी राखी के त्योहार के लिए स्कूल से छुट्टी नहीं मिली. इसलिए वह निराश हो गईं. राखी वाले दिल भाई की कलाई सूनी रहेगी ये सोचकर दोनों का चेहरा उतर गया. लेकिन भाई ने हार नहीं मानी. त्योहार के दिन उदास बहनों को खुश करने और अपने सूने हाथों में उनसे राखी बंधवाने के लिए भाई खुद गुरुकुल आ गया. लेकिन यहां भी एक समस्या आन पड़ी.

वायरल हो गया दिल छूने वाला वीडियो

स्कूल में पेरेंट्स का आना मना था इसलिए भाई के आने पर भी रोक थी. ऐसे में दोनों लड़कियों अश्विका और सहस्रा का भाई जितेंद्र पिता के साथ स्कूल पहुंचा और उनके कंधे पर बैठकर उसने खिड़की से दोनों बहनों से राखी बंधवाई. इसी बीच किसी ने उनका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो वायरल हुआ तो जिला कलेक्टर ने स्कूल प्रबंधन से बात की. पता चला कि अभिभावकों को सुबह 11 बजे से आने की पर्मिशन थी, लेकिन जितेंद्र 9 बजे ही पहुंच गया था.

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