Rail accident ओडिशा ट्रेन हादसे के बाद रेल यातायात बहाल हो गया है, लेकिन अस्पतालों में अब भी 101 शव ऐसे हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के लिए अब यह काम बड़ी चुनौती बन गया है।
मृतकों के फोटो जारी कर लोगों से अपील की गई है कि पहचान करने की कोशिश करें। भीषण रेल हादसे में अब तक 275 लोगों की मौत हुई है जबकि 1000 से अधिक घायल हुए हैं। दुर्घटना में कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे पास ही दूसरी लाइन से गुजर रही यशवंतपुर एक्सप्रेस एसएमवी-बेंगलुरु-हावड़ा के आखिरी डिब्बों से टकरा गए थे।
इस बीच, जान गंवाने वाले उन लोगों के शवों का दाह संस्कार के बाद अस्थियों का ससम्मान विसर्जन हरिद्वार में किया जाएगा, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा, अस्थि कलशों को बालेश्वर से एकत्र कर पहले दिल्ली लाया जाएगा। फिर उन्हें दिल्ली से ले जाकर आठ अक्टूबर को हरिद्वार के कनखल के सती घाट से विधि विधान से विसर्जित किया जाएगा। इसके लिए एक पत्र ओडिशा सरकार को भेज दिया गया है, जिसमें सरकार से अंतिम संस्कार के बाद अस्थियों को उन्हें सौंपने का आग्रह किया गया है। इसके लिए समिति का एक दल जल्द ओडिशा रवाना होगा।

