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Raghunarhganj Mamla: कोर्ट में पेशी जल्दी कराने के नाम पर कपड़ा व्यापारी से 7.31 लाख की ठगी

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कटनी -उपभोक्ता फोरम में चल रहे प्रकरण में पेशी जल्दी करवाने में मदद के नाम पर कोतवाली थाना क्षेत्र के रघुनाथ गंज निवासी व्यापारी के साथ 7 लाख 31 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

कोतवाली थाना के रघुनाथगंज का रहने वाला है पीड़ित

पुलिस ने बताया कि रघुनाथगंज कपड़ा बाजार के रहने वाले व्यापारी 63 वर्षीय प्रदीप कुमार जैन का दिल्ली में उपभोक्ता फोरम में मामला चल रहा था। इसकी चार पेशी हो चुकी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही थी। इसकी वजह यह थी कि उनका नंबर 100 से अधिक आता था। पेशी में जल्दी नंबर लाने के लिए उन्होंने इंटरनेट की मदद ली। यहां उन्हें एक नंबर मिला। इससे बात होने के बाद दीप कुमार नामक व्यक्ति ने पेशी जल्दी लाने में उनकी मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद पीड़ित ने मांग के अनुसार व्यापारी से बैंक खाता व एटीएम की जानकारी ले ली और व्यापारी के खाते से सात लाख रुपये से अधिक राशि निकाल ली गई। यह राशि 24 अक्टूबर 2023 व 3 नवंबर 2023 को निकाली गई। व्यापारी के अलग-अलग 5 खातों से इस राशि का ट्रांजेक्शन हुआ। वहीं इसके बाद हुए हादसे कंधे में फ्रेक्चर हो जाने के कारण व्यापारी मामले की शिकायत दर्ज नहीं कर पाया। अब उन्होंने

पूरे दस्तावेजों के साथ मामले की शिकायत कोतवाली थाने में लिखित रूप से दी। प्रारम्भिक साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिसकी जांच जारी है। उल्लेखनीय है कि ठगी के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। जबकि बार-बार बैंक खाता डिटेल शेयर न करने की पुलिस एडवाइजरी जारी करती है।

ऑनलाइन मिला था नंबर

बार-बार सुनवाई टलने के कारण व्यापारी परेशान थे। इसके लिए वे ऑनलाइन सर्च कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी का नंबर मिला और वे उसके संपर्क में आ गए। जिसके बाद उनकी कमजोरी का फायदा आरोपी ने उठाया। उन्हे विश्वास में लेकर खाते की जानकारी तक ले ली थी।
आठ महीने बाद दर्ज कराई शिकायत
इस मामले में पीड़ित व्यापारी ने काफी देर से एफआईआर कराई है। उनके खाते से नवंबर में राशि निकाली गई थी। उसके बाद भी वे तत्काल एफआईआर कराने नहीं पहुंचे। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि उनके कंधे का फैक्चर हो गया था। जिसके चलते वे थाना नहीं पहुंच पा रहे थे। जब सेहत में सुधार हुआ, तो वे थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

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