Site icon Yashbharat.com

Quit India Movement 80th Anniversary: भारत छोड़ो आंदोलन की 80वीं वर्षगांठ पर उप राष्ट्रपति ने देशवासियों को दी बधाई, कहा- हम सब पहले भारतीय हैं

vice president of india

नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भारत छोड़ो आंदोलन की 79वीं वर्षगांठ पर रविवार को देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विविधताओं के बावजूद हम सब पहले भारतीय हैं।

उप राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं भारत छोड़ो आंदोलन दिवस की वर्षगांठ पर अपने सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। आंदोलन की शुरुआत गांधीजी ने अपने शक्तिशाली नारे ‘करो या मरो’ के साथ देशवासियों को प्रोत्साहित करने के साथ की, जिसने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन में नई ऊर्जा का संचार किया और अंतत: 1947 में अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।’

उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हमें भारत के उन वीर सुपुत्रों और सुपुत्रियों के अनगिनत बलिदानों को याद करना चाहिए, जिन्होंने भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराने के लिए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था।

उप राष्ट्रपति ने कहा कि भले ही हमारी वेशभूषा अलग है, हम अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं और अलग-अलग धर्मो का पालन करते हैं, हम सब पहले भारतीय हैं और इस पर हमें गर्व होना चाहिए। यह खूबसूरत धरा हम सभी की है और एक बेहतर कल के निर्माण की यात्रा में हम सभी एक साथ हैं।

 

बुराइयों को खत्म करने के लिए खुद को करें समर्पित

उन्होंने कहा कि लोगों को भारत से गरीबी, निरक्षरता, असमानता, भ्रष्टाचार और जातिवाद, सांप्रदायिकता एवं लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए खुद को फिर समर्पित करना चाहिए।

साझेदारी और देखभाल हमारा मूल सिद्धांत

नायडू ने कहा कि भारतीय सभ्यता ‘साझेदारी और देखभाल’ के मूल सिद्धांत में निहित है। यह हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए क्योंकि हम अपने समाज में सद्भाव, भाईचारा, आपसी सम्मान और साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देते हैं।

जीवन में फिर भारतीयता को अपनाएं

उप राष्ट्रपति ने कहा, ‘आइए, जीवन में भारतीयता का फिर से स्वागत करें, चाहें वह मातृभाषा के उपयोग में हो, पोशाक में या भारतीय परंपराओं के सम्मान में।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आइए हम एक अधिक समावेशी, आत्मविश्वास से भरे आत्मनिर्भर भारत के लिए एक साथ कदम बढ़ाएं।

Exit mobile version