MP promotion news सचमुच एमपी के सरकारी अधिकारी अजब गजब हैं इसका उदाहरण है विधानसभा में विधायक मेवाराम जाटव Mevaram का वो प्रश्न जिसमे उन्होंने पूछा था कि शिक्षकों जब शिक्षकों को क्रमोन्नति देने के प्रस्ताव की जानकारी मांगी, तो स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदरसिंह परमार ने लिखित जवाब में कहा कि प्रस्ताव विचाराधीन है। शिक्षक इस रवैये को लेकर नाराज हैं क्योंकि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
शिक्षकों को क्रमोन्नति देने की नोटशीट पौने तीन साल मंत्रालय में स्कूल शिक्षा, सामान्य प्रशासन, वित्त विभाग के अधिकारियों के बीच घूमती रही। अधिकारियों को तब समझ आया कि अब क्रमोन्नति नहीं समयमान वेतनमान दिया जाना है और मई 2022 में लोक शिक्षण संचालनालय से चौथी बार प्रस्ताव में संशोधन करने को कहा गया। यह प्रस्ताव भी करीब 11 महीने से मंत्रालय में घूम रहा है। सूत्र बताते हैं कि प्रस्ताव पर अब भी वित्त विभाग की अनुशंसा का इंतजार है। फिर इसे सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा।

