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बंगाल में स्कूल सिलेबस बदलने की तैयारी: बंगाली किताबों से हटेंगे ‘पानी’ और ‘अब्बा’ जैसे शब्द, मुगल-ब्रिटिश इतिहास भी होगा कम

बंगाल में स्कूल सिलेबस बदलने की तैयारी: बंगाली किताबों से हटेंगे 'पानी' और 'अब्बा' जैसे शब्द, मुगल-ब्रिटिश इतिहास भी होगा कम

बंगाल में स्कूल सिलेबस बदलने की तैयारी: बंगाली किताबों से हटेंगे 'पानी' और 'अब्बा' जैसे शब्द, मुगल-ब्रिटिश इतिहास भी होगा कम

बंगाल में स्कूल सिलेबस बदलने की तैयारी: बंगाली किताबों से हटेंगे ‘पानी’ और ‘अब्बा’ जैसे शब्द, मुगल-ब्रिटिश इतिहास भी होगा कम

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। राज्य सरकार द्वारा जुलाई 2026 में गठित ‘पाठ्यक्रम एवं सिलेबस समीक्षा समिति’ ने अपनी रिपोर्ट में भाषा, इतिहास और साहित्य के विषयों में अहम फेरबदल की सिफारिशें सौंपी हैं।

बंगाली किताबों में बदलेंगे बोलचाल के शब्द

समिति के प्रमुख और कल्याणी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी के अनुसार, बंगाली भाषा की किताबों में उन शब्दों को प्राथमिकता दी जाएगी जो आम बंगाली बोलचाल में अधिक इस्तेमाल होते हैं।

इतिहास और साहित्य में प्रमुख बदलाव

समिति ने इतिहास और साहित्य के पाठ्यक्रम में भी कई संशोधन प्रस्तावित किए हैं:

जनवरी 2027 से मिलेंगी नई किताबें

समिति के अनुसार, 12 करोड़ से अधिक पुस्तकों के प्रकाशन का लक्ष्य है और नई पुस्तकों का पहला संस्करण जनवरी 2027 तक स्कूलों में उपलब्ध कराने की योजना है। मुख्य मंत्री सुभेंदु अधिकारी ने भी स्पष्ट किया है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और स्कूलों में ‘पास-फेल नीति’ को दोबारा लागू करने तथा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक जैसे कदमों पर भी विचार कर रही है।

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