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सीरिया में सत्ता की लड़ाई: बशर अल-असद का भविष्य अनिश्चित, गद्दाफी जैसा हो सकता है अंजाम

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सीरिया में सत्ता की लड़ाई: बशर अल-असद का भविष्य अनिश्चित, गद्दाफी जैसा हो सकता है अंजाम।सीरिया में लीबिया पार्ट-2 होने की आशंका बढ़ती जा रही है. मुअम्मर मोहम्मद अबू मिनयार गद्दाफी की तरह ही राष्ट्रपति बशर अल-असद की बरसों पुरानी सत्ता और सीरिया पर बेहद मजबूत पकड़ अचानक कमजोर नजर आने लगी है. अमेरिका की मदद से विद्रोही लगातार आगे बढ़ रहे हैं. रूस और ईरान की मदद भी नाकाफी साबित हो रही है अब इराक से हजारों लड़ाकों को सीरिया रवाना किया गया है।

सीरिया में सत्ता की लड़ाई: बशर अल-असद का भविष्य अनिश्चित, गद्दाफी जैसा हो सकता है अंजाम

कई शहरों और सेना के बेस पर कब्जा कर चुके विद्रोहियों के पास अब हथियार का बहुत बड़ा जखीरा के साथ ही फाइटर जेट और रूसी हेलिकॉप्टर भी हैं. अलेप्पो में बशर के महल पर कब्जा करके विद्रोहियों ने दिखा दिया है कि अगले कुछ दिनों में दमिश्क में क्या हो सकता है.

रूस की वायुसेना ने पूरी ताकत झोंक दी है. उत्तरी हामा को कब्जे से बचाने के लिए एक हामा में सेना का सुरक्षा घेरा तैयार किया गया. हामा विद्रोहियों से मुकाबले की तैयारी है. आसमान से इलाके की निगरानी की जारी है. टैंक ब्रिगेड और रॉकेट फोर्स को तैनात किया गया है. दावा है कि इदलिब में सीरिया की वायुसेना और रूसी एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर हमला किया. इन हमलों में अल नुसरा के हेडक्वार्टर को भस्म कर दिया गया. अल नुसरा के हथियार गोदाम को भी नष्ट किया गया. ये रूस-सीरिया का संयुक्त हमला था.

हमले में अल नुसरा के लड़ाकों की मौत का दावा किया जा रहा है. रूस और सीरिया की सेना ने इदलिब को खाली कराने का मिशन शुरू किया है. हामा को बचाने के लिए भी इदलिब में हमले जरूरी हैं. विद्रोहियों के खिलाफ घातक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है. सीरिया में रूस की तोचका बैलिस्टिक मिसाइलों से विद्रोहियों पर प्रहार हो रहा है. रूसी मिसाइल से HTS के ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं.

कैसे बचेगी बशर की सरकार?

हामा में डिफेंस लाइन बना लेने के दावे के बीच विद्रोहियों ने इस वीडियो से दावा किया है कि ड्रोन हमले में हामा के सेना सुरक्षा ब्रांच के चीफ को मार दिया गया है. विद्रोहियों पर पलटवार के लिए इस्लामिक रेजिस्टेंस के लड़ाके तैयार हैं. ईरान प्रॉक्सी संगठनों के जरिए सीरिया की सेना की मदद कर रहा है. ईरान ने IRGC क्वीक रिस्पॉन्स के चीफ को सीरिया भेजा है. जनरल सैय्यद जावेद गफारी सीरिया में ईरान के सलाहकार थे. सैय्यद गफारी सीरिया में IRGC को कमांड करेंगे.

सीरिया के आर्मी चीफ भी अब मोर्चे पर निकल चुके हैं. जनरल महमूद इब्राहिम में हामा में अपनी सेना की तैयारियों का जायजा लिया. सीरिया, रूस और ईरान अपनी अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह से बशर की सरकार को बचा लिया जाए, लेकिन विद्रोहियों के हौसले इस बार बुलंद हैं. विद्रोहियों ने अब सीरिया के तेल रिफात पर हमला किया है. अल कुवेरिस एयरबेस पर भी विद्रोहियों का कब्जा है. सेना के हथियार और फाइटर जेट विद्रोहियों के कब्जे में हैं.

विद्रोहियों के डर से सीरियाई सैनिक कर रहे सरेंडर

अल कुवेरिस बेस पर हथियार का बहुत बड़ा जखीरा मौजूद है, सीरिया की सेना यहां से भाग चुकी है और ये तमाम हथियार अब विद्रोहियों के हाथ लग चुके हैं. यहां इतने हथियार हैं कि विद्रोही कई दिनों तक युद्ध में टिके रह सकते हैं. फाइटर जेट भी अब विद्रोहियों के कब्जे में हैं. अलेप्पो में कब्जे के बाद HTS ने यहां अपना गवर्नर भी नियुक्त कर दिया है. इन तस्वीरों को देखकर आपको अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के कब्जे की याद आएगी. इसी तरह से हाथ में असॉल्ट रायफल लिए लड़ाके दफ्तर की कुर्सियों पर बैठे थे.

विद्रोहियों के डर से अब सीरियाई सैनिक सरेंडर कर रहे हैं. अलेप्पो में जान बचाने के लिए 100 से अधिक सैनिकों ने सरेंडर कर दिया. सेना के टैंक भी अब विद्रोहियों के कब्जे में हैं, जिसकी वजह से HTS और शक्तिशाली होता जा रहा है. विद्रोही बशर की सत्ता की तुलना भेड़ियों के राज से कर रहे हैं इसलिए पकड़े गए सैनिकों को ऐसी आवाज निकालने की सजा दी जा रही है।

सीरिया में सत्ता की लड़ाई: बशर अल-असद का भविष्य अनिश्चित, गद्दाफी जैसा हो सकता है अंजाम

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