मां की गाली तक पहुंची सियासत: क्या बिहार में विपक्ष ने खुद को कर लिया सेल्फ गोल?
मां की गाली तक पहुंची सियासत: क्या बिहार में विपक्ष ने खुद को कर लिया सेल्फ गोल?

मां की गाली तक पहुंची सियासत: क्या बिहार में विपक्ष ने खुद को कर लिया सेल्फ गोल?। बिहार विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले दरभंगा में कांग्रेस नेता मोहम्मद नौशाद के मंच से एक समर्थक द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देना क्या राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और विपक्षी दलों के महागठबंधन के लिए सेल्फ गोल साबित होगा?।
मां की गाली तक पहुंची सियासत: क्या बिहार में विपक्ष ने खुद को कर लिया सेल्फ गोल?
आरोपी रफीक रिजवी उर्फ राजा की गिरफ्तारी तो हो गई है, लेकिन सबके मन में सवाल पैदा हो गया है कि क्या यह प्रकरण बिहार चुनाव का टर्निंग प्वाइंट बनेगा।
चुनावी इतिहास है कि जब-जब मोदी को अपशब्द कहे गए, तब-तब वो और मजबूत हुए और भारतीय जनता पार्टी ने आम तौर पर विपक्ष को हराया। राहुल गांधी अब मोदी को ‘वोट चोर’ कह रहे हैं। एक नजर डालते हैं कि मोदी को किसने कब क्या कहा और अगर चुनाव था तो क्या हुआ।
मौत का सौदागर- गुजरात में 2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी ने मोदी को मौत का सौदागर कहा था। सोनिया ने कहा था- “गुजरात की सरकार चलाने वाले झूठे, बेईमानी, डर और मौत के सौदागर हैं।” नतीजे आए तो भाजपा की सीट 2002 के मुकाबले 10 कम तो हुई लेकिन 117 सीट के साथ फिर मोदी सरकार बनी। कांग्रेस 51 सीट से बढ़कर 59 हो गई, लेकिन हार नहीं टाल सकी।
पागल कुत्ता- लोकसभा चुनाव से पहले जब मोदी को भाजपा ने चुनाव प्रचार समिति की कमान सौंप दी थी, तब 2013 में कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री रहे बेनी प्रसाद वर्मा ने उनकी तुलना एक पागल कुत्ते से कर दी थी। बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा था- “लोकतंत्र के मंदिर को किसी पागल कुत्ते से ना प्रदूषित होने दें। यह जनता का फर्ज है।” 2014 के लोकसभा चुनाव का नतीजा आया तो भाजपा 282 और एनडीए 336 सीट जीती। कांग्रेस इतिहास के सबसे निचले 44 सीट पर पहुंच गई। 1977 में इमरजेंसी के बाद भी कांग्रेस 154 सीट लाई थी, जब पहली बार वो केंद्र में सरकार से बाहर हुई।
गंगू तेली, भस्मासुर, वायरस, बंदर, टुकड़े-टुकड़े, अनपढ़-गंवार, नमक-हराम– पीएम की रेस में कूदने के बाद 2013 में कांग्रेस के कई नेताओं ने मोदी को तरह-तरह के अपशब्द कहे। गुलाम नबी आजाद ने उन्हें गंगू तेली कहा तो जयराम रमेश ने भस्मासुर बताया और कहा कि वो लालकृष्ण आडवाणी को खा गए। रेणुका चौधरी ने वायरस कहा तो सलमान खुर्शीद ने ऐसे बंदर से तुलना की, जिसका करतब देखने भीड़ जुटती है। इमरान मसूद ने तो मोदी के टुकड़े-टुकड़े करने की ही बात कह दी थी। 2018 में संजय निरुपम ने मोदी को अनपढ़-गंवार कहा तो जिग्नेश मेवाणी ने उनको नमक हराम बताया।
चाय वितरण के लिए जगह बना देंगे- मोदी को सीएम से देश का पीएम बनाने वाले 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर ने उनके चाय बेचने के बैकग्राउंड का मजाक उड़ाया था। अय्यर ने कहा था- “नरेंद्र मोदी कभी भी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, नहीं बनेंगे, नहीं बनेंगे। यदि यहां चाय का वितरण करना चाहते हैं तो हम उनके लिए कोई जगह बना देंगे।” भाजपा ने अय्यर के बयान के बाद ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम शुरू कर दिया था।
नीच किस्म का आदमी- 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर फिर बोले और पीएम मोदी को नीच किस्म का आदमी बता दिया। अय्यर ने कहा था- “मुझको लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का आदमी है।” भाजपा की 16 सीट घटी, लेकिन 99 सीट के साथ सरकार उसकी ही बनी। कांग्रेस 16 सीट बढ़ाकर 77 सीटों के साथ विपक्ष में बैठी।
चुनाव से पहले ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया, जिसके जवाब में भाजपा ने ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान छेड़ दिया। राहुल गांधी ने कहा था- “चौकीदार चोर है नारा है, चौकीदार चोर है सच्चाई है।” 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 2014 से भी 21 ज्यादा कुल 303 सीट जीत ली। कांग्रेस 44 से बढ़कर 52 तक ही पहुंच सकी।
गंदी नाली का कीड़ा- कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 2019 में लोकसभा में पीएम मोदी की तुलना नाली से की थी, जिसे सदन की कार्यवाही से निकाल दिया गया था। बाहर सफाई में कहा कि उनकी हिन्दी खराब है, वो नहर के भाव में नाली बोल रहे थे। उन्होंने तब भी कहा- “भाजपा के सांसद स्वामी विवेकानंद (नरेंद्र दत्ता) के साथ नरेंद्र मोदी की ऐसे तुलना कर रहे थे, जैसे दोनों एक जैसे हैं। तब मैंने कहा था कि मुझे उकसाओगे तो मैं कहूंगा कि गंगा के साथ नाली का तुलना करते हो।” अधीर रंजन चौधरी से पहले कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने 2009 में तब गुजरात के सीएम रहे मोदी को गंदी नाली का कीड़ा कहा था।
रावण से तुलना– कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात में 2022 के विधानसभा चुनाव में मोदी की तुलना रावण से कर दी। खरगे ने कहा था- “’तुम्हारी सूरत कितनी बार देखें। पार्षद चुनाव में तुम्हारी सूरत देखें। एमएलए चुनाव में भी तुम्हारी सूरत देखें। एमपी चुनाव में भी तुम्हारी सूरत देखें। हर जगह। कितने हैं भाई। क्या आपके रावण के जैसा 100 मुख है?” नतीजा आया तो कांग्रेस 17 सीट के साथ फिर निचले स्तर पर पहुंच गई। 156 सीट के साथ भाजपा की प्रचंड बहुमत से सरकार बनी। इतनी सीट, जितनी कभी गुजरात में मोदी खुद भी नहीं ला पाए।
जहरीला सांप– मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को जहरीला सांप कह दिया था। खरगे ने कहा था- “मोदी जहरीले सांप की तरह है। आप मानो, या ना मानो। चाटे तो मर जाओगे।” संयोग से कर्नाटक में कांग्रेस की जीत हुई और उसकी सरकार ने वहां वापसी की।
ऐसा संयोग नरेंद्र मोदी के गुजरात से उभार और फिर भारतीय राजनीति में छा जाने के बाद कम ही हुआ है। मोदी ने बार-बार उनकी ओर उछाली गई गाली और अपशब्द को हथियार बनाकर कांग्रेस और विपक्ष की कमर तोड़ने में कामयाबी पाई है और भाजपा का दबदबा बढ़ाया है।
बीजेपी और एनडीए के सारे नेता हमलावर हैं। अमित शाह से लेकर नीतीश कुमार तक कांग्रेस और राजद पर सवाल उठा रहे हैं। बिहार बीजेपी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि कांग्रेस की राजनीति अब घृणा और अपमान की हद पार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी को गोली देना पूरे पिछड़े और अति पिछड़े समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि जनता इन लोगों को माफ नहीं करेगी। नीरज ने कहा कि मोदी की लोकप्रियता से परेशान कांग्रेस अपनी राजनीतिक कब्र खुद खोद रही है। महिलाएं और पिछड़े इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।