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PM मोदी कल देंगे बीना-कटनी के बीच बांदकपुर-दमोह एवं घटेरा-सगोनी-सलैया रेलखंडों के तिहरीकरण की सौगात

मध्य प्रदेश को 364 रेल परियोजनाओं की सौगात भी

जबलपुर। रेलवे के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए, PM नरेंद्र मोदी अहमदाबाद से 85,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर की 764 लोकेशनों पर कुल 5960 रेल परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण/राष्ट्र को समर्पण कर रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (पीएमबीजेके), एक स्टेशन एक उत्पाद स्टॉल, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के लिए पीएम गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, रेल कोच रेस्टोरेंट, स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली, रेलवे में सौर ऊर्जा स्टेशन, रेलवे विद्युतीकरण, रेलवे गुड्स-शेड, रेलवे वर्कशॉप, नई रेल लाइन/दोहरीकरण /तिहरीकरण /गेज कनवर्शन, पिट लाइन/कोचिंग कॉम्लेक्स एवं समर्पित फ्रेट कॉरिडोर परियोजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जी 10 नई वंदे भारत एवं 04 विस्तारित वन्दे भारत ट्रेन सेवाओं सहित अन्य नई ट्रेन सेवाओं को झंडी दिखाएंगे।

इसी कड़ी में प्रधानमंत्री के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश को 364 विभिन्न रेल परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है। इन परियोजनाओं में मध्य प्रदेश में 202 इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, 57 एक स्टेशन एक उत्पाद आउटलेट, 66 सोलर ऊर्जा प्लांट,13 नई रेल लाइन एवं दोहरीकरण/तिहरीकरण, 04 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र, 01 रेल कोच रेस्टोरेंट, 01 लोको शेड एवं 03 रेलखंडों के विद्युतीकरण का राष्ट्र को समर्पण तथा भोपाल में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव और सुविधाओं के विकास हेतु नए कोचिंग काम्प्लेक्स का शिलान्यास भी शामिल है।

इसी श्रृंखला में प्रधानमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पश्चिम मध्य रेल को 44 रेल परियोजनाओं की सौगात दी जा रही है। इन परियोजनाओं में पश्चिम मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों पर 30 एक स्टेशन एक उत्पाद आउटलेट/स्टॉलों, 03 स्टेशनों (बीना, मदन महल एवं सवाईमाधोपुर) पर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र, रामगंजमंडी-भोपाल नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत संत हिरदाराम नगर-निशातपुरा एवं अकलेरा-घाटोली रेलखंडों, बीना-कटनी तिहरीकरण परियोजना के अंतर्गत लिधोराखुर्द-गिरवर, बांदकपुर-दमोह एवं घटेरा-सगोनी-सलैया रेलखंडों का तिहरीकरण, सतना स्टेशन पर रेल कोच रेस्टोरेंट, बुदनी गुड्स शेड एवं कोटा में आधुनिकीकृत वैगन रिपेयर वर्कशॉप का राष्ट्र को समर्पण किया जा रहा है।

इसके साथ ही भोपाल में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव हेतु और सुविधाओं के विकास हेतु लगभग 100 करोड़ रूपये की लागत से नए कोचिंग काम्प्लेक्स का शिलान्यास भी किया जा रहा है।

रेलवे स्टेशनों पर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र स्थापित करने का उद्देश्य सभी को सस्ती कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं और उपभोग्य वस्तुएं (जनऔषधि उत्पाद) उपलब्ध कराने के भारत सरकार के मिशन को बढ़ावा देना एवं रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों/आगंतुकों को जनऔषधि उत्पादों तक आसानी से पहुंच हेतु सक्षम बनाना है।
भारत सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ दृष्टिकोण को बढ़ावा देने तथा स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों, बुनकरों/हथकरघा बुनकरों, शिल्पकारों आदि को आजीविका के बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से देश भर के रेलवे स्टेशनों पर “वन स्टेशन वन प्रोडक्ट” (ओएसओपी) योजना शुरू की है।

रेलवे द्वारा नई गुड्स-शेड सुविधाओं की टर्मिनल लदान क्षमता बढ़ाने और बड़ी संख्या में स्टेशनों पर मौजूदा गुड्स-शेड विकसित किया है।

रेलवे द्वारा लॉन्च किए गए ‘गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल’ (जीसीटी) के संबंध में माननीय प्रधानमंत्री के “गति शक्ति” के दृष्टिकोण और रेल मंत्रालय की नीति के अनुसरण में, गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों को रेल कार्गो हैंडलिंग के लिए विकसित किया जा रहा है।

यात्रियों को भोजन हेतु एक अद्भुत माहौल प्रदान करने के लिए, भारतीय रेलवे अपने प्रमुख स्टेशनों और बिंदुओं पर रेलवे कोचों को आकर्षक भोजनालयों में परिवर्तित कर रेल कोच रेस्टोरेंट खोला है। इसके तहत कोच के अंदरूनी हिस्से को आरामदायक बैठने की व्यवस्था अंतरंग वातावरण और शानदार रोशनी से सजाया गया है, जो कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों की कल्पना को समान रूप से आकर्षित करेगा। भारतीय रेलवे की इस पहल से कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों के लिए रोजगार पैदा होने की भी उम्मीद है।

ये परियोजनाएं आधुनिक और मजबूत रेलवे नेटवर्क बनाने में उपयोगी साबित होगी। इस निवेश से न केवल कनेक्टिविटी में सुधार होगा बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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