Site icon Yashbharat.com

PM Modi in US भारत मे बनेगा जेट इंजन, सेमीकंडक्टर चिप, ड्रोन सहित अमेरिका से भारत के अहम समझौते जिससे जलेगी चीन औऱ पाकिस्तान की..

images 13 1
PM Modi in US भारत ने ‘आर्टेमिस समझौते’ में शामिल होने का फैसला किया है जो समान विचारधारा वाले देशों को नागरिक अंतरिक्ष खोज के मुद्दे पर एक साथ लाता है। अमेरिका के राष्ट्रपति भवन ने यह भी कहा कि नासा व इसरो 2024 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक संयुक्त मिशन पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा जेट विमान के इंजन का भारत मे निर्माण, सेमीकंडक्टर चिप का भारत मे निर्माण, अमेरिका के खतरनाक ड्रोन की खरीदी ऐसे समझौते हैं जिससे चीन और पाकिस्तान की जलेगी तो जरूर। आइये जानते हैं और कौन कौन से समझौते हो रहे हैं।
महत्वपूर्ण रीपर ड्रोन
एमक्यू-9 रीपर ड्रोन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी तैनाती हिंद महासागर, चीनी सीमा के साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। करीब 29 हजार करोड़ रुपये के इस सौदे से भारत को 30 लड़ाकू ड्रोन मिलेंगे। इनमें से 14 नौसेना और आठ-आठ वायुसेना और सेना को मिलेंगे
ओवल ऑफिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच होने वाली बैठक से पहले एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि भारत आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर कर रहा है, जो मानव जाति के लाभ के लिए अंतरिक्ष खोज के लिए एक साझा दृष्टिकोण (विजन) को आगे बढ़ाता है।
क्या हैं आर्टेमिस समझौते?
‘आर्टेमिस समझौते’ 1967 की बाहरी अंतरिक्ष संधि (ओएसटी) पर आधारित हैं। यह 21वीं सदी में नागरिक अंतरिक्ष खोज का मार्गदर्शन करने के लिए डिजाइन किए सिद्धातों का एक गैर-बाध्यकारी सेट है। यह 2025 तक मानव को चंद्रमा पर उतारने का अमेरिकी नेतृत्व वाला प्रयास है, जिसका अंतिम लक्ष्य मंगल ग्रह और उससे परे अंतरिक्ष अन्वेषण का विस्तार करना है।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नासा-इसरो सहमत
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि नासा और इसरो इस साल मानव अंतरिक्ष यान के सहयोग के लिए एक रणनीतिक ढांचा विकसित कर रहे हैं। इसके अलावा, नासा और इसरो वर्ष 2024 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन)  के लिए एक संयुक्त मिशन पर सहमत हुए हैं।
सेमीकंडक्टर परिस्थितिकी तंत्र 
उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर परिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए अमेरिकी कंपनियां भारत के साथ साझेदारी कर रही हैं जो आपूर्ति श्रृंखला के विविधीकरण को बढावा देगा। माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने भारतीय राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन के समर्थन से 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश की घोषणा की है।
60000 भारतीय इंजीनियरों के लिए प्रशिक्षण 
उन्होंने आगे बताया कि भारतीय राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन के समर्थन के साथ माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने 800 मिलियन अमरीकी डालर से अधिक के निवेश की घोषणा की। इसके अलावा, यूएस एप्लाइड मैटेरियल्स ने भारत में व्यावसायीकरण और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नए सेमीकंडक्टर सेंटर की घोषणा की है। एक अन्य सेमीकंडक्टर विनिर्माण कंपनी लैम्ब रिसर्च 60,000 भारतीय इंजीनियरों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा करने जा रही है।
खनिज सुरक्षा साझेदारी 
महत्वपूर्ण खनिजों और खनिज सुरक्षा के मुद्दे पर अधिकारी ने कहा, भारत को खनिज सुरक्षा साझेदारी का सदस्य बनाने के लिए अमेरिका अपने समर्थन की घोषणा करेगा, जिसका नेतृत्व अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा किया जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करता है और यह तय करता है कि जलवायु, आर्थिक और रणनीतिक प्रौद्योगिकी लक्ष्यों के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिजों की हमारे संबंधित बाजारों को अच्छी तरह से आपूर्ति की जाए।

भारत-अमेरिका क्वांटम समन्वय तंत्र’ बनेगा
उन्नत कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम सूचना विज्ञान पर अधिकारी ने कहा कि दोनों देश एक संयुक्त ‘भारत-अमेरिका क्वांटम समन्वय तंत्र’ स्थापित करेंगे जो हमारे उद्योगों, शिक्षाविदों और सरकार के बीच अधिक सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता उन्नत वायरलेस और क्वांटम प्रौद्योगिकियों के कार्यान्वयन के लिए भी हस्ताक्षर किए हैं।

Exit mobile version