Site icon Yashbharat.com

PM Modi address in UNGA Live : पीएम मोदी बोले, संयुक्त राष्ट्र के स्वरूप में बदलाव वक्‍त की जरूरत

pm MODI

pm MODI

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र को ऑनलाइन संबोधित कर रहे हैं। कोरोना संकट के चलते संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन ऑनलाइन किया जा रहा है। यह संबोधन पहले ही रिकॉर्ड किया जा चुका है। प्रधानमंत्री के संबोधन के हर अपडेट के लिए जुड़े रहें jagran.com के साथ…

PM Modi address in UNGA Live Update :

यूएनजीए के 75वें सत्र की थीम ‘भविष्य जो हम चाहते हैं, संयुक्त राष्ट्र जिसकी हमें जरूरत है, कोविड-19 से प्रभावी बहुआयामी कदम के माध्यम से संघर्ष में हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता’ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में कल शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का संबोधन हुआ था। उन्‍होंने अपनी आदत के मुताबिक, दुनिया के सामने कश्‍मीर का राग अलापा था। इमरान खान के कश्मीर मुद्दे पर जहर उगलने के कुछ घंटों बाद ही भारत ने अपने जवाब में पाकिस्‍तान की बोलती बंद कर दी थी।

भारत ने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि दुनिया को दिखाने के लिए पिछले 70 साल में पाकिस्तान की उपलब्धियां ये हैं- आतंकवाद, अल्पसंख्यकों का सफाया, बहुसंख्यक कट्टरवाद और चोरी-छिपे परमाणु व्यापार… संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि एवं प्रथम सचिव मिजितो विनितो ने इमरान खान पर हमला बोलते हुए कहा था कि इस हॉल में मौजूद लोगों ने एक ऐसे शख्स को सुना, जिसके पास न तो दिखाने के लिए कुछ था, न ही बताने के लिए कोई उपलब्धि। दुनिया को देने के लिए सुझाव भी नहीं था।

भारत ने कहा था कि यह वही देश (पाकिस्तान) है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित और खूंखार आतंकियों को सरकारी खजाने से पेंशन देता है। हमने आज जिस नेता को यहां सुना, ये वही नेता है, जो पाकिस्तान की संसद में ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकवादी को ‘शहीद’ का दर्जा दिलाता है। विनितो ने बांग्लादेश की याद दिलाते हुए कहा कि यह वही पाकिस्तान है, जिसने 39 साल पहले अपने ही लोगों का सामूहिक नरसंहार किया था। यह इतना बेशर्म देश है कि इसने अपनी क्रूरता के लिए माफी तक नहीं मांगी है।

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि ने कहा था कि ये वही नेता (इमरान खान) हैं, जिन्होंने 2019 में अमेरिका में सार्वजनिक रूप से कुबूल किया था कि उनके देश में अभी भी 30, 000 से 40,000 तक आतंकी हैं, जिन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षित किया गया है। ये आतंकवादी अफगानिस्तान से लेकर भारत के जम्मू-कश्मीर तक पाए जाते हैं। यह वही देश (पाकिस्तान) है, जो सुनियोजित रूप से अपने यहां अल्पसंख्यकों का सफाया करता है। इनमें हिंदू, ईसाई, सिख एवं अन्य अल्पसंख्यक शामिल हैं। इनका सफाया करने के लिए यह देश ईशनिंदा कानून और जबरन धर्मातरण का इस्तेमाल करता है।

दरअसल, पाकिस्तान अपनी आदत के अनुरूप जम्मू-कश्मीर का मामला उठाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच का लगातार इस्तेमाल करता रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने उसकी बातों को हमेशा एक कान से सुना और दूसरे कान से निकालती रही है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश और भारत का अटूट एवं अभिन्न अंग है। कुछ हिस्से पर पाकिस्तान ने गैरकानूनी कब्जा कर रखा है। पाकिस्तान को इसे खाली करना पड़ेगा। इससे पहले, महासभा में इमरान खान का भाषण (वीडियो संदेश) शुरू होते ही भारतीय प्रतिनिधि सभा कक्ष छोड़कर चले गए थे।

Exit mobile version