PM-AASHA योजना: किसानों की आय में वृद्धि के लिए बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए पीएम-एएशा योजना के लिए 35,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है ¹ ²। यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए शुरू की गई है।
पीएम-एएशा योजना के मुख्य उद्देश्य:
– _किसानों की आय बढ़ाना_
– _कृषि उत्पादन में वृद्धि करना_
– _किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना_
यह योजना किसानों को उनकी फसलों के लिए उचित मूल्य प्रदान करने और उन्हें विपणन के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने पर केंद्रित है ¹ ²। इसके अलावा, यह योजना किसानों को उनकी जरूरतों
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आज केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने PM-AASHA के लिए ₹35,000 करोड़ मंजूर किए हैं. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे किसान भाई-बहनों को निरंतर सस्ती दरों पर खाद की आपूर्ति जारी रहे, इसके लिए 2024 के रबी सीजन में पोषक तत्व आधारित सब्सिडी की दरों को स्वीकृति प्रदान की है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से देशभर के अन्नदाताओं की खेती की लागत भी कम होगी.
प्रधानमंत्री मोदी के फैसले से दाल और तिलहन की फसल का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित किया जा सकेगा. भारत इन जैसी फसलों की खेती में आत्मनिर्भर बनेगा, किसान खुशहाल होंगे, उनकी आमदनी बढ़ेगी.
क्या है पीएम-आशा?
पीएम-आशा की एकीकृत योजना है. केंद्र सरकार ने किसानों और उपभोक्ताओं की सेवा को सुगम बनाने के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) योजनाओं को पीएम आशा में मिला दिया है. इससे न केवल किसानों को उनकी उपज के उचित मूल्य में मदद मिलेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सहूलियत होगी.
कैबिनेट के अन्य फैसले
इसी के साथ आज कैबिनेट की बैठक में मीडिया और मनोरंजन की दुनिया के लिए भी अहम फैसले लिये गये हैं. एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की मंजूरी मिली है. क्रिएटर्स के इको-सिस्टम को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
वहीं केंद्रीय कैबिनेट की बैठक ने ‘बायो-राइड’ योजना को भी मंजूरी दे दी है. यह जैव प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति को आगे बढ़ाएगी. इससे सतत विकास, वित्त पोषण और क्षमता निर्माण पर जोर दिया जाएगा.
एकसाथ चुनाव को मंजूरी
वहीं आज कैबिनेट ने देश में एकसाथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं इस प्रयास का नेतृत्व करने लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद जी को बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि यह फैसला हमारे लोकतंत्र को और भी अधिक जीवंत और सहभागी बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है.