PM मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का किया उद्घाटन; सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का हुआ आगाज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि (द्वारका) में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का औपचारिक उद्घाटन किया। 17 से 19 सितंबर तक आयोजित इस ग्लोबल इवेंट का थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित उपस्थित उद्योग जगत के दिग्गजों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सेमीकॉन इंडिया 2026: मुख्य बातें और उपलब्धियां
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ग्लोबल सहभागिता: इस सम्मलेन में 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां, स्टार्टअप्स, 400 से ज्यादा ग्लोबल एग्जीक्यूटिव्स/स्पीकर्स और देश के 650 से अधिक शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी शामिल हुए।
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2 नई कमर्शियल चिप यूनिट्स का उद्घाटन: पीएम मोदी ने गुजरात (सूरत) की ‘सूची सेमीकॉन’ और पंजाब (मोहाली) की ‘CDIL’ चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का उद्घाटन किया। ये इकाइयां विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और होम अप्लायंसेज के लिए चिप्स का निर्माण करेंगी। इसके साथ ही देश में अब कुल 5 कमर्शियल चिप निर्माण इकाइयां संचालित हो गई हैं।
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5 बिलियन डॉलर का नया निवेश: सम्मेलन के दौरान भारत में $5 बिलियन (लगभग ₹41,000 करोड़) के नए निवेश की घोषणा की गई, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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1 लाख टैलेंट पूल तैयार करने का लक्ष्य: वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत में 1 लाख विशेषज्ञ कार्यबल (टैलेंट) को प्रशिक्षित किया जाएगा।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0)
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 मुख्य रूप से 6 पिलर्स पर केंद्रित है:
- चिप डिजाइन व फैब्रिकेशन
- मशीनरी और उपकरण
- डिस्पले एवं मेमोरी कंपोनेंट्स
- एडवांस्ड पैकेजिंग (3D पैकेजिंग)
- रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D)
- टैलेंट डेवलपमेंट
बजट विस्तार: सेमीकंडक्टर मिशन के पहले चरण का आकार $8 बिलियन था। अब सरकार ने इसके दूसरे चरण (Phase 2) के लिए दायरा बढ़ाकर $13.5 बिलियन (लगभग ₹1.25 लाख करोड़) कर दिया है, ताकि सप्लाई चेन और रॉ-मटीरियल के मोर्चे पर भारत की निर्भरता को मजबूत किया जा सके।
उद्घाटनी भाषण में पीएम मोदी के मुख्य बिंदु
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कमर्शियल चिप मैन्युफैक्चरिंग पर शिफ्ट: पीएम मोदी ने कहा कि 2021 में आयोजित पहले संस्करण में जहां चर्चा केवल ‘पॉलिसी’ पर थी, वहीं आज भारत का ध्यान सीधे ‘कमर्शियल चिप मैन्युफैक्चरिंग’ पर शिफ्ट हो चुका है।
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मजबूत सप्लाई चेन व डिमांड: भारत में केमिकल, मटीरियल और चिप डिजाइनिंग के लिए पूरा इकोसिस्टम तैयार है, साथ ही एक बड़ी घरेलू ‘डिमांड पाइपलाइन’ भी उपलब्ध है।
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इंजीनियरिंग सामर्थ्य: भारत हर साल लाखों नए इंजीनियर्स तैयार कर रहा है, जो ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा।
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भविष्य की तकनीक और AI: पीएम मोदी ने AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी के दौर में प्रोसेसर एवं मेमोरी इंटीग्रेशन से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर काम करने के लिए वैश्विक कंपनियों का आह्वान किया।








