Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि सितंबर महीने को पूरे देश में पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। Nation (देश) और Nutrition (पोषण) का बहुत गहरा संबंध होता है। जैसा अन्न होता है, वैसा ही हमारा मानसिक और बौद्धिक विकास भी होता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि शिशु को गर्भ में और बचपन में जितना अच्छा पोषण मिलता है, उतना ही अच्छा उसका मानसिक विकास होता है और वो स्वस्थ रहता है। बच्चों के पोषण के लिए भी उतना ही जरूरी है कि मां को भी पूरा पोषण मिले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के कालखंड में देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है लेकिन मन में यह सवाल आता है कि इतने लंबे समय तक घरों में रहने के कारण मेरे छोटे बाल मित्रों का समय कैसे कटता होगा। हमारे चिंतन का विषय था कि बच्चों को नए-नए खिलौने कैसे मिलें। खिलौने केवल मन ही नहीं बहलाते, खिलौने मन बनाते ही हैं और मकसद गढ़ते भी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खिलौने जहां एक्टिविटी को बढ़ाने वाले होते हैं, वहीं खिलौने हमारी आकांक्षाओं को भी उड़ान देते हैं। खिलौना वो हो जिसकी मौजूदगी में बचपन खिले भी, खिलखिलाए भी। हम ऐसे खिलौने बनाएं, जो पर्यावरण के अनुकूल हो।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर देशवासियों से उनकी राय मांगी थी। उन्होंने लिखा था, आपको क्या लगता है कि इस महीने ‘मन की बात’ में किस विषय पर चर्चा करना चाहिए। आप 1800-11-7800 पर डायल करके अपने संदेश को रिकॉर्ड कर सकते हैं। आप NaMo App या MyGov पर भी अपनी राय प्रकट कर सकते हैं। ‘मन की बात’ का पिछला प्रसारण कारगिल विजय दिवस के दिन हुआ था। उस समय पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने भारतीय भूमि पर कब्जा करने की योजना बनाई थी। उन्होंने युवाओं से कारगिल यु्द्ध के दौरान सैनिकों के बलिदान की कहानियों को शेयर करने की अपील की थी।

