Site icon Yashbharat.com

बरगवां में सीवर लाइन बिछाने खोदी जा रही सडक़ के नीचे निकल रही कीमती केबिल लूटने की होड़ में जान जोखिम में डाल रहे लोग, कभी भी घट सकती है बड़ी घटना

IMG 20260511 WA0056

बरगवां में सीवर लाइन बिछाने खोदी जा रही सडक़ के नीचे निकल रही कीमती केबिल लूटने की होड़ में जान जोखिम में डाल रहे लोग, कभी भी घट सकती है बड़ी घटन

कटनी(YASHBHARAT.COM)। रंगनाथ थाना अंतर्गत बरगवां क्षेत्र में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे सीवर लाइन कार्य के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। खुदाई में निकल रही कीमती केबिल के लालच में महिलाएं, बच्चे और युवक जान जोखिम में डालकर गढ्ढों के आसपास जमा हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जैसे ही खुदाई के दौरान केबिल निकलती है लोग मिट्टी के ढेर में कूद पड़ते हैं। लगातार बन रही यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्यौता देती नजर आ रही है। गौरतलब है कि बरगवां क्षेत्र में नगर निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। खुदाई के दौरान जमीन से पुरानी और कीमती केबिल निकल रही है, जिसे पाने के लिए आसपास के लोग मौके पर डटे रहते हैं। महिलाओं और बच्चों तक को गहरे गढ्ढों और भारी मशीनों के बीच देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जैसे ही खुदाई के दौरान केबिल बाहर निकलती है, लोग मिट्टी के ढेर में उतरकर उसे निकालने लगते हैं। इस दौरान न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम दिखाई देते हैं और न ही भीड़ को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। लगातार चल रही यह स्थिति किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है। सूत्रों का कहना है कि खुदाई में निकलने वाली केबिल को क्षेत्र का एक स्थानीय कबाड़ी खरीद रहा है। आरोप यह भी है कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने रहते हैं। वहीं कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाए हैं कि खुदाई स्थल पर मौजूद संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए और खुदाई स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही रोकनी चाहिए ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। फिलहाल सीवर लाइन कार्य के दौरान हर दिन लोग कीमती केबिल के लालच में अपनी जान जोखिम में डालते नजर आ रहे हैं। सीवर लाइन का यह कार्य अब सुविधा से ज्यादा खतरे का कारण बनता दिखाई दे रहा है। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग और प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों कर रहे हैं।

Exit mobile version