Site icon Yashbharat.com

पेंगोलीन शिकार के दोषियों को मिली सजा, कोर्ट ने सुनाया तीन साल सश्रम कारावास का फैसला

Supreme Court sets out object and purpose of Order VII Rule 11 of the Code of Civil Procedure1908

कटनी। पेंगोलीन शिकार के दोषियों को मिली सजा, कोर्ट ने सुनाया तीन साल सश्रम कारावास का फैसला।  कटनी वनमंडल के वन परिक्षेत्र ढीमरखेड़ा के अन्तर्गत बीट सैलारपुर में वर्ष 2016 में भितरीगढ़ तालाब नहर के पास सैलारपुर निवासी इन्दल सिंह गौड़ से लगभग 3 किलो पेंगोलीन (सालू) स्केल जप्त किए गये थे, जो आरोपी के पेंगोलीन का शिकार कर वन्यप्राणी के शरीर को उबालकर प्रथक किए गये थे।

पेंगोलीन शिकार के दोषियों को मिली सजा, कोर्ट ने सुनाया तीन साल सश्रम कारावास का फैसला

आरोपी इंदल सिंह की निशानदेही पर अपराध में लिप्त अन्य 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसका परिवाद न्यायालय प्रथम श्रेणी ढीमरखेड़ा के समक्ष पेश किया गया। इन आरोपियों द्वारा अंतर्राज्‍यीय स्तर पर अपराध को अंजाम दिया गया था, जिन्हें मध्य प्रदेश के कटनी, टीकमगढ़, पन्ना तथा उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से गिरफ्तार किया गया।

प्रकरण में शासन द्वारा नियुक्त विशेष लोक अभियोजन मंजुला श्रीवास्तव एवं ए.डी.पी. ओ. श्री विनोद पटेल द्वारा प्रकरण में पैरवी की गई, जिसमें शुक्रवार 25 जुलाई को ढीमरखेड़ा न्यायालय के प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट पुर्वी तिवारी द्वारा समस्त 15 आरोपियों को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 40 हजार से 10 हजार रूपये तक कुल 3 लाख 80 हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया।

इन्‍हें मिली सजा

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट पुर्वी तिवारी द्वारा इंदल वल्द रामप्रसाद गौड़, रामसिंह वल्द सुरजबली सिंह, संतान वल्द तुलसी गौड़, सुरेन्द्र उर्फ मुण्डा वल्द रामसिंह गौड़, अजीत वल्द रेवा सिंह, दरयाल सिंह बल्द मंगी सिंह, राजू वल्द जुगराज सिंह, जयसिंह वल्द मुंशी सिंह, प्रताप वल्द शीतल गौड, मंतू वल्द अच्छेलाल गौड़, राजेन्द्र वल्द गुल्जार सिंह, गुमान वल्द धूप सिंह, मलखान वल्द मिलाप सिंह, राजेन्द्र कुचबंदिया वल्द गयादीन कुचबंदिया, शोभरन उर्फ बल्लू वल्द शीतल कुचबंदिया को सश्रम कारावास तथा जुर्माने से दंडित किया गया।

Exit mobile version