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Paytm से रिश्‍वत लेना पड़ा महंगा, रेलवे ने RPF के दो जवान किए बर्खास्त

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वेब डेस्‍क। जांच में आरोपी जवान के बैंक खाते का विवरण लिया गया, जिसमें पेटीएम के द्वारा तीन हजार रुपये लेने की पुष्टि हुई. इसके बाद रेलवे ने आरपीएफ के दोनों जवानों को बर्खास्‍त कर दिया है.

उत्‍तर प्रदेश के कानुपर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट अनवरगंज के हेड कॉस्टेबल आशीष चौहान और कॉस्टेबल रामनयन यादव पर बीएसएफ के जवान से अवैध वसूली और उसकी पत्नी से दुर्व्यवहार के गम्भीर आरोप लगे थे. जबकि जांच में आरोप सही पाये जाने पर रेलवे ने दोनों कांस्टेबलों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. गौरतलब है कि गाड़ी संख्या 12424 नई दिल्ली डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में 12 जुलाई को एसकॉर्टिग ड्यूटी में तैनात रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट अनवरगंज के हेड कॉस्टेबल आशीष चौहान एवं कॉस्टेबल रामनयन यादव की बीएसएफ जवान एवं उसकी गर्भवती पत्नी से दुर्व्यवहार एवं अवैध वसूली की शिकायत की थी.

ऐसे बढ़ा विवाद

बीएसएफ जवान द्वारा गर्भवती पत्नी के नई दिल्ली स्टेशन पर गाड़ी में न चढ़ पाने के कारण चेन पुलिंग की गयी थी. रेलवे सुरक्षा बल जवानों ने कार्यवाही का भय दिखाते हुये जवान एवं उसकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया. जबकि कार्यवाही न करने के एवज में रेलवे सुरक्षा बल जवानों द्वारा बीएसएफ जवान को टायलेट के पास ले जाकर उससे दस हजार रूपये की मांग की गयी थी. बीएसएफ जवान द्वारा रेलवे सुरक्षा बल जवानों को सात हजार रूपये नगद एवं कैश न होने का बहाना कर तीन हजार रुपए पेटीएम के माध्यम से दिये गये थे. पीड़ित को जल्‍दी न्याय दिलाने एवं आरोपी बल सदस्यों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए पूरे मामले की त्वरित जांच करायी गयी.

ऐसे धरे गए आरोपी

जांच में आरोपी जवान के बैंक खाते का विवरण लिया गया, जिसमें पेटीएम के द्वारा तीन हजार रुपये लेने की पुष्टि हुई. रिपोर्ट पर कड़ा रूख अपनाकर कठोरतम कार्यवाही करते हुए जवानों को रेलवे सुरक्षा बल नियम 1987 मे दिये गये विशेष प्रावधानों के तहत नौकरी से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया गया है. बर्खास्तगी आदेश सम्बंधित जवानों को 16 जुलाई को प्राप्त करा दिया गया. अब दोनों जवानों को रेलवे से मिलने वाले भत्ते एवं धनराशि नहीं मिलेगी एवं सेवा संबंधी अन्य लाभों के भी हकदार नही होंगे और ना ही दोबारा किसी भी सरकारी नौकरी के पात्र होंगे. रेलवे ने घटना के मात्र 05 दिन के भीतर इस कार्यवाही से भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में एक बड़ा संदेश दिया है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ खास मुहिम

सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह के मुताबिक, रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों के सेवा एवं सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर है. किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार एवं यात्रियों से दुर्व्यवहार किये जाने की घटनाओं पर रेलवे सुरक्षा बल में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है. इस कठोरतम कार्यवाही के माध्यम से सभी बल सदस्यों को सेवा-भाव, निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ नौकरी करने के लिये भविष्य हेतु एक स्पष्ट संदेश दिया गया है. भ्रष्टाचार, खराब आचरण एवं बल की छवि को धूमिल करने वाले सदस्यों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही जारी रहेगी.

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