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104 साल की उम्र तक मरीजों का इलाज करते रहे पद्म श्री डॉ. मणि छेत्री, 106 वर्ष की आयु में निधन

104 साल की उम्र तक मरीजों का इलाज करते रहे पद्म श्री डॉ. मणि छेत्री, 106 वर्ष की आयु में निधन

104 साल की उम्र तक मरीजों का इलाज करते रहे पद्म श्री डॉ. मणि छेत्री, 106 वर्ष की आयु में निधन

104 साल की उम्र तक मरीजों का इलाज करते रहे पद्म श्री डॉ. मणि छेत्री, 106 वर्ष की आयु में निधन,देश ने एक बेहद वरिष्ठ और सम्मानित चिकित्सक को खो दिया। डॉ. मणि छेत्री का 106 वर्ष की आयु में निधन चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।

104 साल की उम्र तक मरीजों का इलाज करते रहे पद्म श्री डॉ. मणि छेत्री, 106 वर्ष की आयु में निधन

वे भारत के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञों में से एक थे और अपने लंबे करियर में उन्होंने न सिर्फ मरीजों का इलाज किया, बल्कि स्वास्थ्य प्रशासन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एसएसकेएम अस्पताल के निदेशक के रूप में सेवा दी और पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य सेवा निदेशक का पद भी संभाला।

1920 में दार्जिलिंग में जन्मे डॉ. छेत्री ने 1944 में MBBS पूरा किया और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश गए। भारत लौटने के बाद उन्होंने कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया। उनके कार्यों को सम्मानित करते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से नवाज़ा (1974)।

प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने मरीजों का इलाज करना कभी नहीं छोड़ा। 1982 में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे लंबे समय तक सक्रिय रहे। यहां तक कि अपने जीवन के अंतिम वर्षों तक वे चिकित्सा सेवा से जुड़े रहे।

हाल के वर्षों में वे डिमेंशिया से पीड़ित थे और एक गिरने की घटना के बाद उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती गई।

उनका जीवन चिकित्सा सेवा, समर्पण और मानवता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

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