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धनबाद में अवैध कोयला खदान धंसी, 15 मजदूरों की मौत की आशंका; विपक्ष का आरोप

धनबाद में अवैध कोयला खदान धंसी, 15 मजदूरों की मौत की आशंका; विपक्ष का आरोप। धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव में कोयले के अवैध खनन के दौरान जमीन धंसने से हड़कंप मच गया है।

धनबाद में अवैध कोयला खदान धंसी, 15 मजदूरों की मौत की आशंका; विपक्ष का आरोप

धनबाद में अवैध कोयला खदान धंसी, 15 मजदूरों की मौत की आशंका; विपक्ष का आरोप
धनबाद में अवैध कोयला खदान धंसी, 15 मजदूरों की मौत की आशंका; विपक्ष का आरोप

इस हादसे में खदान के अंदर 9 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. दबे हुए लोगों में चार व्यक्ति गिरिडीह जिले के ताराटांड थाना क्षेत्र के और एक व्यक्ति जामताड़ा का बताया जा रहा है।

धनबाद में हुए खदान हादसे में अभी तक जिन लोगों के दबे होने की सूचना है, उनमें गिरिडीह के ताराटांड थाना क्षेत्र के कुंडलवादाह निवासी मौसरा भाई चरकू उर्फ अजीज अंसारी (35 वर्ष) और अफजल उर्फ खान साहब (35 वर्ष), बुढ़वाशेर निवासी दिलीप साव (32 वर्ष) तथा बदगुंडा पंचायत के मथुरासिंहा निवासी मो. जमशेद (30 वर्ष) शामिल हैं.

गिरिडीह सांसद सी.पी. चौधरी और पूर्व मंत्री सरयू राय सहित कई नेताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए मौतों की आशंका जताई है, वहीं जिला प्रशासन और बीसीसीएल (Bharat Coking Coal Limited) ने घटना से इनकार किया है।

नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

सी.पी. चौधरी ने बुधवार (24 जुलाई) को बाघमारा थाने के बाहर धरना दिया और घटना में नौ मजदूरों की मौत का दावा किया है. वहीं जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने घटना स्थल पर ‘सबूत नष्ट करने के लिए ताजी मिट्टी से ढकने’ की साजिश बताया और कहा कि करीब 15 मजदूरों की मौत छिपाई जा रही है.

राय ने आरोप लगाया कि खनन माफिया, बीसीसीएल और पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन जारी है. सांसद चौधरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने मृतकों को निकालने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी।

बचाव कार्य अटका, प्रशासन ने दी सफाई

NDRF अधिकारी ने पीटीआई को दिए बयान में बताया कि “काफी समय तक दुर्घटनास्थल की सही जानकारी नहीं मिल पाई है, इसलिए कोई राहत कार्य शुरू नहीं किया जा सका था.” इसके बाद धनबाद के डीसी आदित्य रंजन ने पुष्टि की कि बताए गए स्थान पर NDRF भेजी गई है, लेकिन वहां किसी खदान ढहने के साक्ष्य नहीं मिले.

बता दें कि मौके पर राहत कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF की 33 सदस्यीय टीम तैनात की गई है, जिसका नेतृत्व अधिकारी संतोष पठानिया कर रहे हैं. इसके साथ ही बीसीसीएल की माइंस रेस्क्यू टीम भी मौके पर मौजूद है और संयुक्त ऑपरेशन के लिए तैयार है।

विवाद गहराया, विपक्ष ने उठाए सवाल

‘ऑल झारखंड स्टूडेंट मूवमेंट (AJSU) सांसद ने आरोप लगाया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो प्रशासन की मौजूदगी में कोयला माफिया ने उनका विरोध किया. उन्होंने आरोप लगाया, ‘जब एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम आदमी के साथ क्या होता होगा, यह अकल्पनीय है. यह भी जानकारी मिली है कि खदान का मुहाना माफिया द्वारा रातोंरात बंद कर दिया गया था, ताकि मामले को दबाया जा सके।

JD(U) नेता सरयू राय ने कहा कि कोयला क्षेत्र में CISF की भारी तैनाती के बावजूद अवैध खनन चिंताजनक है. साथ ही बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि प्रशासन हादसे को दबाने की कोशिश कर रहा है. तो वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता बिजय झा ने दावा किया कि रास्ते को रातोंरात माफियाओं ने बंद कर दिया ताकि किसी को अंदर जाने से रोका जा सके।

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