₹500 में ‘कैदी’ बनने का मौका! हैदराबाद की चंचलगुडा जेल में शुरू हुआ अनोखा टूरिज्म; बीच में भागे तो देना होगा डबल जुर्माना-जानें तेलंगाना सरकार का नया प्लान। क्या आपने कभी सोचा है कि जेल की कालकोठरी में रात बिताना कैसा लगता है? तेलंगाना जेल विभाग ने इसे हकीकत में बदलने के लिए चंचलगुडा केंद्रीय जेल में “जेल का अनुभव करें” कार्यक्रम और एक अत्याधुनिक जेल संग्रहालय की शुरुआत की है। मंगलवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने इसका उद्घाटन किया।
24 घंटे की ‘कैद’ और सख्त नियम
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अपराध से दूर रखना और उन्हें जेल जीवन की कठोरता से परिचित कराना है। इसके नियम बेहद दिलचस्प हैं:
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रजिस्ट्रेशन और शुल्क: जेल में 24 घंटे बिताने के लिए 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क देना होगा।
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अनुशासन: प्रतिभागियों को कैदियों वाले कपड़े पहनने होंगे, जेल का ही भोजन मिलेगा और सुबह से रात तक सख्त अनुशासन का पालन करना होगा।
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डिजिटल डिटॉक्स: जेल परिसर के भीतर फोन, कैमरा या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना सख्त मना है।
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बीच में छोड़ने पर जुर्माना: यदि कोई व्यक्ति घबराकर या किसी और कारण से समय से पहले जेल छोड़ना चाहता है, तो उसे 1000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।
संग्रहालय में दिखेंगी फांसी की जंजीरें और प्राचीन रिकॉर्ड
संगारेड्डी के पुराने संग्रहालय के जर्जर होने के बाद उसे अब चंचलगुडा में आधुनिक रूप दिया गया है। यहाँ आप देख सकेंगे:
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दुर्लभ वस्तुएं: प्राचीन कारागार अभिलेख, हथकड़ियां, कैदियों को बांधने वाली जंजीरें और फांसी से संबंधित दुर्लभ सामान।
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इतिहास की झलक: 1961-68 के दौरान नागार्जुनसागर बांध के निर्माण में कैदियों के योगदान को समर्पित एक विशेष गैलरी।
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ऑडियो-विजुअल शो: पेंटिंग्स और वीडियो के जरिए जेल प्रणाली के क्रमिक विकास (सजा से सुधार तक) को समझाया गया है।
कैसे करें बुकिंग?
यदि आप भी इस चुनौतीपूर्ण और शिक्षाप्रद अनुभव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट www.telanganajailexperience.com पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 94946 32046 पर संपर्क किया जा सकता है।
राज्यपाल का संदेश: उद्घाटन के दौरान राज्यपाल ने कहा कि जेलें अब केवल सजा देने का केंद्र नहीं, बल्कि सुधार गृह (Reform Centers) बन चुकी हैं। इसका उद्देश्य लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए शिक्षित करना है।

