‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’: वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर बनाया नकली नोटों का नेटवर्क, डूंगरपुर पुलिस ने 6 राज्यों में फैले गिरोह का किया खुलासा
डूंगरपुर (राजस्थान): राजस्थान के डूंगरपुर में वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर जाली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश। पुलिस ने ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’ के तहत 1300 किमी पीछा कर मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को दबोचा और ₹4.95 लाख की नकली करेंसी जब्त की। पूरी खबर पढ़ें।
वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित होकर नकली भारतीय मुद्रा छापने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का डूंगरपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए गए ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’ के तहत पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4,95,500 रुपये की जाली मुद्रा बरामद की गई है।
इस गिरोह के तार राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ तक फैले हुए थे।
29 सितंबर को हुई थी कार्रवाई की शुरुआत
मामले का खुलासा 29 सितंबर को हुआ, जब पुलिस ने डूंगरपुर के माडा स्कूल ग्राउंड से भावेश खटीक और नयन जोशी को 4.95 लाख रुपये से अधिक के नकली नोटों के साथ पकड़ा। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ के बाद पुलिस को पूरे नेटवर्क और तकनीक का पता चला।
फोटोशॉप, यूट्यूब और टेलीग्राम से लिया सहारा
पुलिस जांच में सामने आया कि हरियाणा के अंबाला निवासी 20 वर्षीय आनंद राजपूत ने वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर जाली नोट छापने का तरीका खोजा था। इसके लिए उसने फोटोशॉप सॉफ्टवेयर और यूट्यूब की मदद ली।
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विशेष कागज: उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी मोहम्मद आरिफ ने टेलीग्राम पर ‘अंकित पेपर सेलर’ चैनल के जरिए नकली नोटों के लिए विशेष कागज की आपूर्ति की।
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डिजिटल फाइल: छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी तरुण मालेकर ने 500 रुपये के नोट से संबंधित डिजिटल फाइल उपलब्ध कराई।
1300 किमी पीछा कर लुधियाना से पकड़ा गया मास्टरमाइंड
कार्रवाई की भनक लगते ही गिरोह का मास्टरमाइंड रवि कुमार मिश्रा (निवासी प्रतापगढ़, यूपी) फरार हो गया। वह लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहा था। डूंगरपुर साइबर सेल और विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उसका पीछा किया और करीब 1300 किलोमीटर दूर पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर लिया। ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’: वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर बनाया नकली नोटों का नेटवर्क, डूंगरपुर पुलिस ने 6 राज्यों में फैले गिरोह का किया खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
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रवि कुमार मिश्रा (25 वर्ष): मास्टरमाइंड (प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश)
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आनंद राजपूत (20 वर्ष): विचार/डिजाइन तैयार करने वाला (अंबाला कैंट, हरियाणा)
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मोहम्मद आरिफ: टेलीग्राम के जरिए कागज सप्लायर (कानपुर, उत्तर प्रदेश)
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तरुण मालेकर (27 वर्ष): डिजिटल फाइल सप्लायर (दुर्ग, छत्तीसगढ़)
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भावेश खटीक (23 वर्ष): स्थानीय नेटवर्क सहयोगी (डूंगरपुर, राजस्थान)
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नयन जोशी (19 वर्ष): स्थानीय नेटवर्क सहयोगी (डूंगरपुर, राजस्थान)
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करने वाली साइबर सेल, विशेष टीम और संबंधित पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए एसपी मनीष कुमार ने उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी जाली मुद्रा बाजार में खपाई है और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।

