Operation Lotus in MP भाजपा ने मध्यप्रदेश में फिर से सरकार बनाने के अघोषित प्रयास के तहत कांग्रेस को फिर से संकट में डाल दिया है भले ही बीजेपी इस रात भर चले घटनाक्रम को खुद से दूर बताए मगर सभी जानते हैं स्क्रिप्ट करीब एक माह से लिखी जा रही है।
कांग्रेस ने गुरुग्राम की होटल से अपने 4 विधायकों को निकालने का दावा किया लेकिन यहां से सिर्फ रामबाई को ही वापस ले जाते देखा गया। इसके बाद खुद वित्तमंत्री तरुण भानोट ने भी पुष्टि की कि भाजपा विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट कर चुकी है।
बात यहीं खत्म नहीं होती क्योंकि यह कोई इत्तेफाक नहीं कि एक दो नहीं पुरे 11 कांग्रेस और निर्दलीय विधायक एक वक्त पर दिल्ली में नहीं हो सकते। यही नहीं विधायक अचानक गुरु ग्राम भी नहीं आये लिहाजा तय है कि यह पूर्व नियोजित था। अब अगर अंक गणित की बात हो तो 2 सीट मध्यप्रदेश में पहले ही खाली हैं।
ऐसे में फ्लोर टेस्ट में बराबरी का मुकाबला हो सकता है। इससे पहले अगर भाजपा को सरकार बनाने का मौका मिला तो सभी समर्थन देने वालों का मंत्रिपद पक्का, सवाल यही की अगर कांग्रेस विधायक लालच में आ गए हैं तो क्या बिश्वास कि वह दोबारा ऐसा न करें या फिर कांग्रेस का खेल बिगाड़ कर मंत्री बन जाएं! जो भी हो आज दिन भर इसकी गहमा गहमी रहेगी देखना होगा ऊंट किस करवट बैठता है।

