कटनी में सरकारी धान की खुली लूट, रात के अंधेरे में हाईवे पर माफियाओं का राज

कटनी में सरकारी धान की खुली लूट, रात के अंधेरे में हाईवे पर माफियाओं का रा

कटनी-कटनी जिले में सरकारी धान की चोरी अब छुपा-छिपी का खेल नहीं रही, बल्कि खुलेआम लूट में तब्दील हो चुकी है। धान खरीदी के बाद परिवहन में लगे ट्रकों से रात के अंधेरे में सरकारी धान उतारकर बेचा जा रहा है और हैरानी की बात यह है कि यह सब हाईवे पर बेखौफ तरीके से हो रहा है। स्लीमनाबाद से अग्रवाल ढाबा और पिपरोध तक का पूरा इलाका अवैध धान कारोबार का गढ़ बन चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, धान से भरे ट्रकों को जानबूझकर हाईवे किनारे रोका जाता है और बिना नंबर की पिकअप गाड़ियों से बोरे उतारकर चोरी की जाती है। बीती रात सामने आए वीडियो ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कैसे सरकारी धान सड़क किनारे उतारकर खुलेआम ठिकाने लगाया जा रहा है।
इस पूरे खेल में कुछ ट्रांसपोर्टर और ट्रक ड्राइवरों की मिलीभगत सामने आना बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकारी धान, जो गरीबों और जरूरतमंदों के लिए होता है, उसे कौड़ियों के दाम बाजार में खपाया जा रहा है और शासन को लाखों-करोड़ों का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि एक युवक बिना नंबर की पिकअप लेकर अपने गिरोह के साथ रात में धान चोरी का नेटवर्क चला रहा है। सवाल यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि पुलिस और प्रशासन की आंखों से कैसे बच रही है? या फिर सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
अब सवाल सीधा और तीखा है—क्या पुलिस और प्रशासन इस लूट पर लगाम लगाएंगे या फिर सरकारी धान की यह खुली डकैती यूं ही चलती रहेगी जनता जवाब चाहती है और कार्रवाई भी।

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