नगर निगम कटनी में शीघ्र प्रारंभ होगी ऑनलाइन नामांतरण व्यवस्था,निगमायुक्त तपस्या परिहार की डिजिटल सुशासन की पहल, राजस्व अमले को दिया गया प्रशिक्षण

नगर निगम कटनी में शीघ्र प्रारंभ होगी ऑनलाइन नामांतरण व्यवस्था,निगमायुक्त तपस्या परिहार की डिजिटल सुशासन की पहल, राजस्व अमले को दिया गया प्रशिक्ष
कटनी – नगर पालिक निगम कटनी नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल करने जा रहा है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार द्वारा समय सीमा की बैठक में नागरिकों के भवनों एवं निगम स्वामित्व की दुकानों के नामांतरण प्रकरणों की ऑनलाइन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के दिए गए निर्देशों के बाद शुक्रवार को एम.आई.सी. कक्ष में राजस्व शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नामांतरण ऑनलाइन प्रक्रिया का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को नामांतरण के लिए बार-बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदन, दस्तावेज अपलोड, एनओसी, प्रकाशन, मौका निरीक्षण, अनुमोदन तथा अंतिम आदेश तक की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन संपन्न होगी, जिससे सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनेंगी।
व्यवहारिक प्रशिक्षण
शुक्रवार को आयोजित प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन पोर्टल के संचालन की की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान आवेदन पंजीयन, आवश्यक दस्तावेज अपलोड, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी), सार्वजनिक सूचना, मौका निरीक्षण रिपोर्ट तथा प्रकरणों के ऑनलाइन परीक्षण की प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान की गई। कर्मचारियों की कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए शीघ्र ही द्वितीय चरण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
घर बैठे मिलेगा आवेदन का स्टेटस
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत आवेदक अपने नामांतरण आवेदन की वर्तमान स्थिति घर बैठे ऑनलाइन देख सकेगा। उसे यह जानकारी भी उपलब्ध होगी कि उसका प्रकरण किस अधिकारी के पास लंबित है तथा उसके निराकरण की प्रक्रिया किस चरण में है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विलंब पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
लंबित प्रकरणों पर स्वतः होगी निगरानी
ऑनलाइन पोर्टल में प्रत्येक नामांतरण प्रकरण की चरणबद्ध मॉनिटरिंग होगी। यदि कोई प्रकरण निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक लंबित रहता है तो सिस्टम स्वतः संबंधित अधिकारी को रेड फ्लैग जारी करेगा तथा विलंब का कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित होगी और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण का मार्ग प्रशस्त होगा।
एसएमएस के माध्यम से मिलेगी तत्काल सूचना
दस्तावेजों में किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर आवेदक को तत्काल एसएमएस एवं पोर्टल के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी, जिससे वह समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सके। इससे फाइल गुम होने, अनावश्यक आपत्तियों तथा प्रक्रिया में देरी जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी रोक लगेगी। निर्धारित समय-सीमा के बाद बिना उचित कारण लंबित पाए जाने वाले प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी निर्धारित की जाएगी।
सुशासन और राजस्व वृद्धि की दिशा में बड़ा कदम
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। भवन नामांतरण की ऑनलाइन व्यवस्था से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी, हस्तक्षेप कम होगा तथा पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। समय पर नामांतरण शुल्क प्राप्त होने से नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी, जिसका उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था ही सुशासन की सशक्त पहचान है और इससे शासन-प्रशासन के प्रति आम नागरिकों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।








