सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर तिलक महाविद्यालय में संगोष्ठी आयोजित, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को किया गया या
कटनी, 31 अक्टूबर 2026। PMCOE शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आज एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार वाजपेई की अनुशंसा पर आयोजित इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
संगोष्ठी में डॉ. माधुरी गर्ग ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन संघर्ष, दृढ़ इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन देशहित, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं।
डॉ. सरदार दिवाकर ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दूरदर्शिता, राजनीतिक कौशल और दृढ़ संकल्प से देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनका योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
वहीं, प्रो. जी.एम. मुस्तफा ने सरदार पटेल के राष्ट्रीय एकता के विचार को रेखांकित करते हुए कहा कि विविधताओं से भरे भारत को एक सूत्र में पिरोने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला हैं।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. रुक्मणी प्रताप सिंह ने सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत का शिल्पी बताते हुए कहा कि आधुनिक अखंड भारत की संरचना में उनका योगदान अविस्मरणीय है। कार्यक्रम के अंत में प्रो. प्रतिमा त्रिपाठी ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. सूचि सिंह, डॉ. जयप्रकाश अवस्थी, सुश्री अंकिता गोस्वामी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. सुशील मिश्रा, डॉ. लक्ष्मी द्विवेदी, श्री अमित चौधरी सहित महाविद्यालय के एनएसएस, एनसीसी एवं खेल गतिविधियों से जुड़े बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों, राष्ट्रीय एकता के संदेश और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।

