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OMG उमरिया गायब हुई कर्मचारी की लाश शहडोल के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मिला

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उमरिया। एसईसीएल जोहिला एरिया क्षेत्र की विंध्या कॉलरी से कोयला निकालने वाली JMS COMPANY के एक कर्मचारी की कर्तव्य के दौरान प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुए हादसे में मौत हो गई। कर्मचारी को घायल अवस्था में रीजनल अस्पताल लाया गया था लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कर्मचारी की लाश शहडोल के एक प्राइवेट अस्पताल में पाई गई। अस्पताल संचालक ने बताया कि कंपनी के लोगों ने उसे घायल बताकर भर्ती किया था। आरोप है कि सारा खेल मुआवजे से बचने के लिए किया गया है।

 

उमरिया के रीजनल अस्पताल से कर्मचारी की लाश गायब

बताया गया है कि बुधवार की सुबह JMS COMPANY के लोग मजदूर भाबूतोष मजूमदार को घायल अवस्था में रीजनल अस्पताल लेकर गए। डॉक्टर प्रतिभा पाठक ने उसे मृत घाषित कर दिया। मामला सुर्खियों में तब आया जब रीजनल अस्पताल से बिना सरकारी प्रक्रिया पूरी किए कंपनी के कर्मचारी भाबूतोष मजूमदार की लाश अचानक गायब हो गई। बताया गया कि कंपनी के कुछ लोग लाश को अपने साथ ले गए हैं। रीजनल अस्पताल के मैनेजमेंट ने भी पुलिस को सूचना नहीं दी।

कंपनी के लोगों ने लाश को शहडोल के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवा दिया

दोपहर में पता चला कि कर्मचारी भाबूतोष मजूमदार की लाश को शहडोल के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया है। इसके बाद यह चर्चा फैल गई कि श्रीराम अस्पताल में लाश को भर्ती कर लिया गया है। श्रीराम अस्पताल के संचालक विजय दुबे ने बताया कि भाबूतोष को जब अस्पताल लाया गया था तो उसे घायल बताया गया था। लेकिन जब डॉक्टरों ने उसे देखा तो वह मरा हुआ था। बाद में इसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई।

घटना का विवरण जैसा कि पुलिस सूत्र एवं साथी कर्मचारियों ने बताया

बताया गया है कि भाबूतोष मजूमदार विंध्या खदान में रात 11 से सुबह 7 बजे तक की ड्यूटी पर था। बुधवार की सुबह 6.30 बजे के आसापास जब भाबूातोष खदान के अंदर रूफ बोल्ट लगा रहा था उसी दौरान वह हाथ से का शिकार हो गया। भाबूतोष के सिर पर किसी मशीन का जैक गिरने की जानकारी सामने आई है। इस घटना में भाबूतोष का सिर फट गया और काफी सारा खून बह गया था। घटना के बाद उसे तुरंत रीजनल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसकी लाश को जेएमएस कंम्पनी के लोग शहडोल लेकर चले गए। सवाल यह उठता है कि आखिर मजदूर की लाश को शहडोल क्यों ले जाया गया जबकि उसकी मौत हो चुकी थी।

प्रोजेक्ट मैनेजर का मोबाइल बंद, कर्मचारी का शव पुलिस के कब्जे में

कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक शर्मा का मोबाइल बंद आ रहा है। पूरी प्रक्रिया के दौरान अभिषेक शर्मा कहीं भी दिखाई नहीं दिए। उन्होंने कर्मचारी की मौत के मामले में उड़ रही अफवाहों और चर्चाओं के बारे में भी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। शहडोल के एसआई केपी तिवारी ने बताया कि अस्पताल की तहरीर के बाद मजदूर की लाश को जिला अस्पताल में रखवा दिया गया है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा और शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।
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