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अब नहीं होगा जलभराव: महापौर के निरीक्षण के बाद नालों से अतिक्रमण हटाकर शुरू हुआ सफाई अभियान,बरसात से पहले हर नाला होगा साफ़- महापौर

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अब नहीं होगा जलभराव: महापौर के निरीक्षण के बाद नालों से अतिक्रमण हटाकर शुरू हुआ सफाई अभियान,बरसात से पहले हर नाला होगा साफ़- महापौर

कटनी  — शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुधारने के लिए महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी द्वारा किए गए निरीक्षण एवं दिए गए सख्त निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। निगम प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बस स्टैंड स्थित नालों से अतिक्रमण हटाकर व्यापक सफाई अभियान की शुरुआत कर दी गई है।

 

 

अतिक्रमण अमले की सख्त कार्रवाई

 

महापौर श्रीमती सुरी के निर्देशों के पालन में निगम के अतिक्रमण अमले ने नालों के ऊपर एवं आसपास किए गए अस्थायी अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान नालों के बहाव में बाधा बन रहे अवरोधों को हटाकर जल निकासी को सुचारु करने का प्रयास किया गया।

 

मुनादी के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण, निगम ने की कार्रवाई

 

अतिक्रमण प्रभारी मानेन्द्र सिंह ने बताया कि निगम प्रशासन द्वारा की गई इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य नालियों में अवरोध उत्पन्न करने वाले अतिक्रमणों को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना है, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि कार्यवाही के तीन दिवस पूर्व क्षेत्र में मुनादी कराकर संबंधित लोगों को सार्वजनिक नालों के ऊपर किए गए अतिक्रमण हटाने की सूचना दी गई थी। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर निगम के अमले द्वारा नाले के ऊपर फिक्स टपरों एवं नर्सरी को हाइड्रा एवं जेसीबी मशीन की सहायता से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखवाया गया।

 

स्वास्थ्य अमले द्वारा जारी सफाई अभियान

 

अतिक्रमण हटाने के साथ साथ निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नालों की विशेष सफाई भी कराई जाकर नालों में जमी गाद, कचरा एवं अन्य अवरोधों को हटाकर साफ-सफाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आगामी वर्षा में जलभराव की समस्या को रोका जा सके।

 

महापौर  प्रीति संजीव सूरी ने नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की स्वच्छता और बेहतर जल निकासी व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि नालों में कचरा डालने से बचें एवं सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से शहर को सुरक्षित रखा जा सके और एक स्वच्छ, सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित हो।

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