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No Protest Zone: यमुना एक्सप्रेसवे का 41 KM का हिस्सा ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ घोषित; जीरो पॉइंट से अब कहीं भी धरना-प्रदर्शन करने पर होगी कड़क विधिक कार्रवाई

No Protest Zone: यमुना एक्सप्रेसवे का 41 KM का हिस्सा 'नो प्रोटेस्ट जोन' घोषित; जीरो पॉइंट से अब कहीं भी धरना-प्रदर्शन करने पर होगी कड़क विधिक कार्रवाई

No Protest Zone: यमुना एक्सप्रेसवे का 41 KM का हिस्सा ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ घोषित; जीरो पॉइंट से अब कहीं भी धरना-प्रदर्शन करने पर होगी कड़क विधिक कार्रवाई

गौतमबुद्ध नगर (नोएडा): यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों और यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और कड़क प्रशासनिक खबर सामने आई है. एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित, निर्बाध और सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया गया है. गौतमबुद्ध नगर जिले की विधिक सीमा में आने वाले यमुना एक्सप्रेसवे के पूरे हिस्से को अब आधिकारिक रूप से ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ (No Protest Zone) घोषित कर दिया गया है.

इसके तहत अब यमुना एक्सप्रेसवे पर 0 पॉइंट (शुरुआती बिंदु) से लेकर 41 किलोमीटर तक के दायरे में किसी भी तरह के धरना, प्रदर्शन या आंदोलन की विधिक अनुमति कतई नहीं होगी.

 इलाहाबाद हाई कोर्ट का कड़ा निर्देश: क्यों लिया गया यह विधिक फैसला?

  • अदालत का आदेश: प्रशासन का यह कड़ा फैसला इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) द्वारा दिए गए विशेष और कड़े दिशा-निर्देशों के बाद विधिक रूप से लागू किया गया है.

  • मुख्य उद्देश्य: इस आदेश का मुख्य और प्राथमिक उद्देश्य एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही को बिना किसी बाधा के चालू रखना तथा सफर करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

  • बैन का दायरा: आदेश प्रभावी होने के बाद अब एक्सप्रेसवे के इस चिह्नित 41 किलोमीटर के हिस्से में किसी भी राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन, किसान यूनियन या अन्य किसी भी समूह द्वारा प्रदर्शन करने, धरना देने या सड़क जाम (चक्का जाम) जैसी गतिविधियों को अंजाम देने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.

क्यों जरूरी है एक्सप्रेसवे का विन्यास: अधिकारियों के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे देश का एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्ग है, जिससे रोजाना दिल्ली-एनसीआर से लेकर आगरा तक बड़ी संख्या में आम यात्री और मालवाहक बड़े वाहन गुजरते हैं. किसी भी अचानक प्रदर्शन या सड़क अवरोध के कारण न केवल कड़ा ट्रैफिक जाम लगता है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी दांव पर लग जाती है.

जन जागरूकता अभियान: जगह-जगह लगाए जा रहे सूचना बोर्ड

इस कड़े विधिक आदेश की जानकारी आम जनता और विभिन्न संगठनों तक ससमय पहुंचाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है:

  • साइन बोर्ड विन्यास: एक्सप्रेसवे के सभी प्रमुख एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और टोल प्लाजा के पास बड़े-बड़े सूचना बोर्ड (Information Boards) लगाए जा रहे हैं.

  • थाना स्तर पर सूचना: संबंधित थाना क्षेत्रों, चौकियों और वरिष्ठ पुलिस कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर भी इस प्रतिबंधात्मक आदेश की प्रति प्रदर्शित की जा रही है. अलग-अलग प्रचार माध्यमों से लोगों को यह कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि इस जोन में प्रदर्शन करना कानून का सीधा उल्लंघन माना जाएगा.

 नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़क विधिक और दंडात्मक कार्रवाई

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर ने स्पष्ट कर दिया है कि एक्सप्रेसवे पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल द्वारा हाई-टेक कैमरों और पेट्रोलिंग गाड़ियों के जरिए लगातार कड़क निगरानी रखी जाएगी.

अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है:

“यातायात को प्रभावित करने या नियमों को तोड़ने का प्रयास करने वाले किसी भी शरारती तत्व या संगठन के खिलाफ पुलिस की ओर से तत्काल विधिक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. आम जनता और वाहन चालकों की सुरक्षा तथा उनका सुगम सफर ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.”

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