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RBI के नए नियम: NBFC-Account Aggregators में इंटरऑपरेबिलिटी लागू, 31 दिसंबर तक आसान होगा वित्तीय डेटा ट्रांसफर

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RBI के नए नियम: NBFC-Account Aggregators में इंटरऑपरेबिलिटी लागू, 31 दिसंबर तक आसान होगा वित्तीय डेटा ट्रांसफर

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 7 अक्टूबर 2026 को देश के वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector) के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम उठाते हुए नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी अकाउंट एग्रीगेटर्स (NBFC-AA) के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) लागू करने का आधिकारिक ऐलान किया है। इस नए फ्रेमवर्क का प्राथमिक उद्देश्य ग्राहकों को अपने वित्तीय डेटा पर पूर्ण नियंत्रण देना, प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और वित्तीय संस्थानों के बीच डेटा शेयरिंग को त्वरित व सुगम बनाना है।RBI के नए नियम: NBFC-Account Aggregators में इंटरऑपरेबिलिटी लागू, 31 दिसंबर तक आसान होगा वित्तीय डेटा ट्रांसफर

आरबीआई के इस ऐलान के बाद वित्तीय तकनीक (Fintech) और अकाउंट एग्रीगेटर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के प्रति निवेशकों का उत्साह बढ़ा, जिससे शेयर बाजार में पाइन लैब्स (Pine Labs) और CAMS जैसी कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।

 मुख्य सुधार और ग्राहकों को मिलने वाले लाभ

1. अकाउंट एग्रीगेटर (AA) में इंटरऑपरेबिलिटी

2. बैंक डिपॉजिट और डीमैट खातों का समेकित ब्योरा (CAS Integration)

शेयर बाजार पर असर: फिनटेक शेयरों में उछाल

आरबीआई के इस फैसले का सकारात्मक असर शेयर बाजार में फिनटेक कंपनियों के शेयरों पर देखा गया:

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