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नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) में कर्मचारियों की सेवा शर्तों को लेकर विवाद गहराया, आयुध निर्माणी संयुक्त संघर्ष समिति ने आज से शुरू किया हस्ताक्षर अभियान

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कटनी(YASHBHARAT.COM)। नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) में कर्मचारियों की सेवा शर्तों को लेकर विवाद गहराया गया है। आयुध निर्माणी कटनी के एआईडीईएफ नेता शिव पाण्डेय ने बताया कि एआईडीईएफ द्वारा सचिव (रक्षा उत्पादन) को न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि रक्षा मंत्रालय के दिनांक 4 अगस्त 2025 और 28 अगस्त 2025 के दो आदेश आयुध कारखानों के रक्षा असैन्य कर्मचारियों की सेवा शर्तों के संबंध में मद्रास उच्च न्यायालय में दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन करते हैं। एआईडीईएफ अध्यक्ष एस.एन.पाठक और महासचिव सी.श्रीकुमार ने निर्माणी कर्मचारियों को जानकारी जारी कर सूचित किया कि सरकार ने हलफनामों के माध्यम से वचन दिया था कि कर्मचारी सात नए रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) में डीम्ड प्रतिनियुक्ति पर केंद्र सरकार के कर्मचारी बने रहेंगे। जब तक कि वे संविलयन का विकल्प नहीं चुनते और उनके वेतन, भत्ते और सेवा शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी। आयुध निर्माणी संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव संजय तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि इस प्रकार महासंघ ने विवादास्पद आदेशों को वापस लेने की मांग की है और 62,000 कर्मचारियों के बीच एक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू कर रहा है ताकि उनका केंद्र सरकार का दर्जा बरकरार रखा जा सके। हालांकि सरकार इस अवमानना नोटिस पर क्या प्रतिक्रिया देती है, यह देखना बाकी है। इसके खिलाफ रक्षा मंत्रालय के सभी महासंघ लामबंद होकर 41 आयुध कारखानों में आंदोलन शुरु कर दिया है। इस कड़ी में आयुध निर्माणी कटनी में भी सभी यूनियन एशोसिएशन ने एक जुट होकर संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में पर्चा वितरण किया। आम सभा में आईएनडीडब्ल्यूएफ के रजनीश शर्मा, बीपीएमएस के अजय प्रताप सिंह बघेल एवं एआईडीईएफ के शिव पाण्डेय ने कर्मचारियों को जागरूक करते हुए सरकार के तुगलकी फरमान के विरुद्ध जमकर बरसे। संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव संजय तिवारी ने बताया कि महासंघों के निर्देश पर कटनी में भी आज 11 सितंबर से संविधान रचयिता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत होगी।

 

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