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उद्योगों पर पावर क्वॉलिटी मीटर का नया बोझ; एक मीटर की कीमत साढ़े 5 लाख, विरोध तेज

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उद्योगों पर पावर क्वॉलिटी मीटर का नया बोझ; एक मीटर की कीमत साढ़े 5 लाख, विरोध तेज। उच्चदाब (HT) बिजली कनेक्शन लेने वाले उद्योगों, होटलों और संस्थानों पर नया वित्तीय बोझ डालते हुए बिजली कंपनियों ने पावर क्वॉलिटी मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया है। एक मीटर की कीमत 5.5 लाख से 6 लाख रुपये तक है, जिसके नोटिस हाल ही में कई उद्योगों, होटलों और संस्थाओं तक पहुंच चुके हैं।

उद्योग जगत ने इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है, वहीं बिजली कंपनी का कहना है कि यह आदेश नियामक आयोग का है।

क्यों लगाया जा रहा है पावर क्वॉलिटी मीटर?

बिजली कंपनी का दावा है कि भारी मशीनों और नई तकनीक वाले उपकरणों से हारमोनिक्स (विकृत करंट) पैदा होता है, जो-

ग्रिड को नुकसान पहुंचा सकता है

आसपास के बिजली सप्लाई सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है

यह नया मीटर उद्योग में पैदा होने वाले हारमोनिक्स को मापेगा। बाद में, इन हारमोनिक्स को कम करने के लिए उद्योगों को अतिरिक्त उपकरण भी लगवाने पड़ सकते हैं, यानी खर्च आगे और बढ़ सकता है।

आमतौर पर हारमोनिक्स की समस्या फर्नेस, रोलिंग मिल जैसे भारी उद्योगों में आती है, लेकिन आदेश में सभी HT कनेक्शनधारक को शामिल कर दिया गया है—यही उद्योग जगत की सबसे बड़ी आपत्ति है।

मीटर एक ही कंपनी से खरीदने की मजबूरी?

उद्योगपतियों का आरोप है कि नोटिस मिलते ही जब वे बिजली कंपनी के अधिकारियों से बात करते हैं, तो उन्हें एक ही कंपनी के प्रतिनिधि के पास भेज दिया जाता है।

पावर क्वॉलिटी मीटर सिर्फ Schneider कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है।

कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार मीटर की कीमत 5.70 लाख रुपये है।

अन्य कंपनियों के मीटर को मान्यता नहीं दी गई है क्योंकि टेक्निकल टेस्टिंग सिर्फ इसी कंपनी की हुई है। यानी उद्योगों के पास कोई विकल्प नहीं- खरीदना मजबूरी है।

उद्योग जगत का विरोध तेज

AIMP अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने कहा—
“मनमाने आदेश देकर लाखों रुपये खर्च करवाना गलत है। इसका कड़ा विरोध करेंगे।”

रोलिंग मिल एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश मित्तल ने कहा—
“एक कंपनी की मोनोपॉली बनाकर उद्योगों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

बिजली कंपनी की सफाई

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का कहना है—

यह आदेश नियामक आयोग (Regulatory Commission) से जारी हुआ है।

यदि उद्योगों को राहत चाहिए, तो उन्हें आयोग में अपील करनी होगी। उद्योगों पर पावर क्वॉलिटी मीटर का नया बोझ; एक मीटर की कीमत साढ़े 5 लाख, विरोध तेज

 

 

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