Site icon Yashbharat.com

NDA साथियों में विश्वास बहाली में जुटे अमित शाह

amitshah

नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन की गहमागहमी के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राजग घटकदलों के साथ सामंजस्य की कवायद शुरू कर दी है। रविवार को उन्होंने लोजपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान और उनके सांसद पुत्र चिराग पासवान के साथ लगभग एक घंटे की बैठक की और हर मुद्दे पर मशविरा किया। इसमें एससी-एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाने से लेकर बिहार के लिए विशेष वित्तीय पैकेज जैसे मुद्दे शामिल थे।amit shah with friend 03 06 2018

गौरतलब है कि उपचुनाव नतीजे के बाद से राजग घटकदलों की ओर से भाजपा को परोक्ष संकेत दिया जा रहा था कि उनसे पूरा संवाद नहीं हो रहा है। रालोसपा नेता व केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ज्यादा मुखर रहे हैं। वहीं, लोजपा की ओर से यह जताने में गुरेज नहीं किया गया कि आपसी संवाद जरूरी है। विपक्ष से मुकाबला करना है तो सत्तापक्ष को भी मजबूती के साथ एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ना होगा।

बताते हैं कि रविवार को शाह ने सबसे पहले पासवान को आमंत्रित किया जो राजग खेमे में सबसे बड़े दलित नेता भी हैं और नरेंद्र मोदी सरकार के सबसे मुखर समर्थक घटकदल भी। सूत्रों के अनुसार रामविलास और चिराग ने आशंका जताई कि एससी-एसटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हो रही देर से सरकार के खिलाफ गलत छवि बनाने का मौका मिलेगा। ऐसे मे पहल करते हुए अध्यादेश लाना चाहिए। उनकी ओर से प्रमोशन में आरक्षण जैसे मुद्दे को सामने लाकर बढ़त बनाने का भी सुझाव दिया गया।

उत्तर प्रदेश के बाद बिहार सबसे अहम राज्य है। लिहाजा बिहार पर चर्चा हुई। एक तरफ जहां जदयू वित्त आयोग से विशेष राज्य का दर्जा देने संबंधी प्रावधान पर रोक में पुनर्विचार का आग्रह कर रहा है। वहीं पासवान का कहना है कि गरीब राज्य होने के कारण बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा होना चाहिए। लेकिन कम से कम विशेष वित्तीय पैकेज तो जरूर दिया जाना चाहिए। शाह ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार का आश्वासन दिया है।

Exit mobile version