सर्वाधिक राजस्व वसूली कर नगर निगम ने रचा नया इतिहास, राजस्व में ऐतिहासिक उछाल,वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड वृद्धि, पिछले वर्षों के आंकड़े पीछे छूटे अभियान और नवाचार बने सफलता की कुंजी

सर्वाधिक राजस्व वसूली कर नगर निगम ने रचा नया इतिहास, राजस्व में ऐतिहासिक उछाल,वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड वृद्धि, पिछले वर्षों के आंकड़े पीछे छूटे

अभियान और नवाचार बने सफलता की कुंज

करदाताओं की जागरूकता से मिला अभूतपूर्व परिणाम*

 

रिकॉर्ड वसूली से विकास कार्यो को मिलेगी नई रफ्तार

 

कटनी – नगर निगम कटनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व वसूली के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता अर्जित करते हुए नया इतिहास रच दिया है। निगम द्वारा संपत्तिकर, जलकर, किराया एवं अन्य मदों में की गई प्रभावी वसूली के चलते इस वर्ष अब तक की सर्वाधिक राशि 39.24 करोड़ जमा कराई गई है। जो विगत वर्ष की तुलना में 58.16 फीसदी अधिक है।

 

निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार की सुदृढ़ रणनीति, सतत मॉनिटरिंग एवं सख्त कार्यवाही एवं वसूली को समय-समय पर दिये गए दिशा- निर्देशों के परिणामस्वरूप ही वसूली में यह उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करने में सफलता हासिल की जा सकी। विशेष बात यह रही कि इस वर्ष वसूली अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया गया, जिससे नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सकी।

 

पिछले वर्षों के रिकॉर्ड ध्वस्त, वसूली में जबरदस्त उछाल

 

विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष राजस्व में भारी वृद्धि दर्ज की गई। संपत्तिकर, जलकर, किराया एवं अन्य मदों में अभूतपूर्व वृद्धि ने यह सिद्ध कर दिया कि सुनियोजित रणनीति और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई लक्ष्य असंभव नहीं है।

नगर निगम की वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की तुलनात्मक वसूली अनुसार संपत्ति कर में वित्तीय 2024-25 में जहां 12.83 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे वहीं वित्तीय वर्ष 2025 -2026 में 16.47 करोड़ रुपये की वसूली की गई है, इसी प्रकार जलकर वसूली में वित्तीय वर्ष 2024 -2025 में 4.4 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6.95 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। वहीं बाजार किराया राशि वित्तीय 2024-25 में जो 1.52 करोड़ रुपये प्राप्त हुई वहीं वित्तीय वर्ष 2025 -2026 में 1.71 करोड़ प्राप्त हुई है। जबकि विविध शुल्क के रूप में वित्तीय 2024-25 में जहां 5.1करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे वो इस वित्तीय वर्ष 2025 -2026 में 13.38 करोड़ रुपये जमा कराए गए है। वहीं भवन अनुज्ञा मद में इस वित्तीय वर्ष में 73 लाख रुपये जमा कराए गए है। इस प्रकार इस वित्तीय वर्ष में राजस्व आय के रूप में 39.24 करोड रूपये जमा किये गए है जो विगत वर्ष की वसूली से 58.16 फीसदी अधिक है।

 

अभियान बना गेमचेंजर, दिखा व्यापक असर

 

निगमायुक्त के निर्देशन में राजस्व वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया गया। वार्डवार टीमों का गठन कर घर-घर संपर्क किया गया। बकायेदारों को नोटिस जारी किए गए तथा आवश्यकतानुसार वारंट, तालाबंदी जैसी सख्त कार्यवाहियां भी अमल में लाई गईं। शहर के प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग, एनाउन्समेंट, बैनर एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से नागरिकों को कर अदायगी हेतु प्रेरित किया गया। उक्त समस्त कार्यवाहियों का व्यापक असर राजस्व वसूली अभियान के दौरान देखने को मिला।

 

नवाचारों से बढ़ी करदाताओं की सहभागिता

 

नगर निगम द्वारा प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं एवं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्य डिजिटल भुगतान सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार, वार्डो बल्क मैसेज, ऑन-द-स्पॉट समाधान, अवकाश के दिनों में कैश काउंटर खुला रखकर बकाया कर जमा करने की सुविधा तथा नगर निगम कार्यालय, जोन कार्यालय, सहित बाजार क्षेत्रों एवं वार्डो में विशेष शिविर एवं लोक अदालतों का आयोजन कर करदाताओं को सरल एवं त्वरित सेवाएं प्रदान की गईं। इन नवाचारों के चलते नागरिकों में विश्वास बढ़ा और उन्होंने स्वेच्छा से बकाया कर जमा कर निगम प्रशासन का सहयोग किया।

करदाताओं और टीमवर्क का मिला परिणाम

 

इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय नगर निगम प्रशासन ने नगर के जागरूक करदाताओं एवं राजस्व वसूली टीम के समर्पित प्रयासों को दिया है। निगमायुक्त सुश्री परिहार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने कर्मचारियों अधिकारियों को आगे भी इसी तरह टीम भावना के साथ कार्य करने की नसीहत दी है।

विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार

वित्तीय वर्ष की रिकॉर्ड वसूली से नगर निगम की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, जिससे शहर में सड़क, स्वच्छता, पेयजल, स्ट्रीट लाइट एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्यों को निश्चित ही और अधिक गति मिल सकेगी।

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