Mugavali borewell में गिरी मासूम, 29 फीट नीचे फंसी सृष्टि का रेस्क्यू आपरेशन जारी Live Rescue NDRF Team । जिले के मुगावली गांव में मंगलवार को दोपहर 1:15 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ढाई वर्ष की सृष्टि पुत्री राहुल कुशवाह खेलते हुए बोरवेल के गड्ढे में गिर गई। बोरवेल के तीन सौ फीट गहरे गड्ढे में सृष्टि करीब 25 फीट अंदर फंस गई। उसे बाहर निकालने के लिए पुलिस, प्रशासन व एनडीआरएफ का अमला जुटा हुआ है।
बुधवार सुबह छह बजे तक रेस्क्यूूआपरेशन के 19 घंटे बीत चुके हैं। रेस्क्यू दल गड्डे में आक्सीजन पहुंचाने के साथ ही मशीन से समांतर गड्ढा खोदाई कर रहा है। देर रात पता चला है कि चट्टानें तोड़ने के लिए चलाई जा रही मशीनों के कंपन से बच्ची के और नीचे जाने की आशंका है। बताया जा रहा है कि बच्ची 28-29 फीट की गहराई में फंसी है। कलेक्टर का कहना है कि बच्ची में कोई हलचल नजर नहीं आ रही है।\
बुधवार सुबह तक 27 फीट तक गड्ढा बोर के समानांतर हो चुका था। हाइड्रोलिक रोड रेल द्वारा छोटे-छोटे सुराख करके बड़े-बड़े पत्थरों को काटा जा रहा है। इसके बाद बड़ी पोकलेन मशीन से कटिंग की जा रही है। एक मशीन द्वारा वेस्ट मटेरियल को बाहर निकाला जा रहा है ।
मां रानी कंडे थोप रही थी और उसकी आंखों के सामने खेलते-खेलते हुए वह पड़ोसी गोपाल खेत में खुले पड़े बोर के पास जा पहुंची। कुछ देर बाद जब वह बोर के पास पड़ी बजरी से फिसलते दिखाई तो मां दौड़कर उसके पास पहुंची, लेकिन जब तक ढाई साल के बच्ची उसमें गिर चुकी थी।
जिसके बाद वह जोर-जोर से चिल्लाई तो लोग जुटे
जिसके बाद वह जोर-जोर से चिल्लाई तो लोग जुटे और घटना आग की तरह फैल गई। पुलिस व प्रशासनिक अमला बिना समय गवाए एनडीआरएफ के साथ मौके पर पहुंचा और तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। चार बुलडोजर, तीन पोकलेन मशीन से खोदना शुरू किया, वहीं आक्सीजन पाइप बोर में डाला गया। जबकि केमरे से बच्ची को देखा गया, जो करीब 25 फीट बोर के अंदर बताई जा रही है। लगातार रेस्क्यू जारी है। बच्ची की सलामती के लिए हजारों लोग प्रार्थना कर रहे हैं।
एक घंटे बाद पहुंचे अधिकारी
करीब एक घंटे बाद एसपी मयंक अवस्थी, जिला पंचायत सीईओ आशीष तिवारी, एडीएम ब्रजेश सक्सेना, एसडीएम अमना मिश्रा, मंडी, दोराहा, कोतवाली थाना प्रभारी मय अमले के पहुंचना शुरू हुआ। वहीं आसपास के गांव से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। तत्काल रेस्क्यू शुरू किया गया, एक के बाद एक चाल बुलडोजर व तीन पोकलेन मशीन पहुंची और लंबा गड्ढा खोदना शुरू कर किया। करीब साढ़े चार बजे डीआइजी मोनिका शुक्ला व विधायक सुदेश राय, नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी पहुंचे, जहां सृष्टि के पिता राहुल से घटना की जानकारी लेते हुए उसे ढांढस बंधाया। रेस्क्यू लगातार जारी है।
बड़े सिलेंडर से दी जा रही आक्सीजन
मौके पर दो एंबुलेंस सहित पांच से अधिक बड़े आक्सीजन के सिलेंडर पहुंचे, जिनसे बोर में लगातार आक्सीजन सप्लाइ पाइप के माध्यम से की जा रही है, जिससे सृष्टि को सांस लेने में तकलीफ न हो।
कैमरे में दिखा सिर्फ हाथ
बोर में गिरी बच्ची को देखने के लिए टार्च सहित कैमरे की मदद ली गई। डीआइजी व एसपी ने स्क्रीन पर बच्ची की गतिविधि देखने का प्रयास किया, लेकिन स्क्रीन पर सिर्फ हाथ ही दिखाई दे रहा है।
दो घंटे में 20 फीट लंबा व दस फीट गहरा हुआ गड्ढा
तीन पोकलेन की मदद से जहां बोर के सामने गड्ढा करना शुरू किया तीन बजे से शुरू होकर पांच बजे तक 20 फीट लंबा व दस फीट गहरा गड्ढा किया, जिसके बाद मुरम आना शुरू हुई, वहीं 12 फीट गहराई पर पत्थर आ गया, जिसकी खोदाई के लिए हेमर व ब्रिक्स मशीन बुलाई गई।
मां कंडे थोप रही थी, बच्ची खेलते-खेलते बोरवेल में जा गिरी
इस घटना के बाद बच्ची की मां रानी का बुरा हाल है। वह बार-बार गड्डे की ओर देखते हुए बेटी की सलामती के लिए दुआ कर रही है। बच्ची की मां ने बताया कि वह खेत पर बने घर में कंडे बना रही थी। वहां से चालीस-पचास फीट की दूरी पर ही बोरवेल खुला पड़ा था। उसकी बच्ची कब खेलते-खेलते जाकर बोरवेल में गिर गई, उसे पता ही नहीं चला। जब बच्ची आसपास नहीं दिखी तो रानी ने खोजबीन शुरू की। तब जाकर उसे घटना के बारे में पता चला।
पाइप से पहुंचा रहे आक्सीजन
सृष्टि को पाइप के जरिए आक्सीजन दी जा रही है। जिसके लिए कई सिलेंडर टीम लेकर आई है। वहीं दो जेसीबी और एक पोकलेन की मदद से खोदाई की जा रही है। इसके साथ ही जिला प्रशासन के सभी अधिकारी और पुलिस मौके पर मौजूद है और बचाव कार्य में लगी है। एसडीएम अमन मिश्रा का कहना है कि हम जल्द ही बच्ची को सुरक्षित निकाल लेंगे।
