MP Weather पांच मौसम प्रणालियों के असर से अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से कुछ नमी आने का सिलसिला बना हुआ है। हवाओं का रुख भी दक्षिणी-पूर्वी एवं दक्षिण-पश्चिमी बना हुआ है। इस वजह से लगभग पूरे प्रदेश में दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदलने लगता है। तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ गरज-चमक की स्थिति बन जाती है। इस दौरान कहीं-कहीं वर्षा होने के साथ ही ओलावृष्टि होने और बिजली गिरने की भी संभावना बन रही है। इस तरह की स्थिति अभी दो से तीन दिन तक बनी रह सकती है। अप्रैल माह के बाद मई में भी लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इस तरह की स्थिति बन रही है।
प्रदेश में सबसे अधिक 42 डिग्री सेल्सियस तापमान नरसिंहपुर में रिकार्ड किया गया। राजधानी में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार के अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस की तुलना में 2.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रीवा में दो, धार में 0.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, वातावरण में नमी की मात्रा कम रहने और तापमान बढ़ा रहने के कारण प्रदेश के अधिकतर शहरों में गरज-चमक की स्थिति बन रही है। इस तरह की स्थिति अभी पूरे प्रदेश में दो-तीन दिन तक बनी रह सकती है। इस दौरान तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना है। इसी तरह उत्तरी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में भी एक चक्रवात बना हुआ है।

