MP Transfer & Budget: मध्य प्रदेश में 1 जून से मचेगी तबादलों की धूम! मोहन कैबिनेट ने कर्मचारियों, किसानों और पेंशनधारकों के लिए खोले ₹30,055 करोड़ के द्वार। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद (Cabinet) की बैठक में प्रदेश के विकास और जन-कल्याण को गति देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। कैबिनेट ने राज्य के विकास कार्यों और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए कुल 30,055 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं।
MP Cabinet Decisions: मोहन यादव कैबिनेट का महा-धमाका! कर्मचारियों के ट्रांसफर से हटा बैन, फसल बीमा और पेंशन के लिए मंजूर किए ₹30,055 करोड़
इसके साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण नीति-2026 (Transfer Policy 2026) को भी हरी झंडी दे दी गई है।
ट्रांसफर पॉलिसी 2026 मंजूर: 1 से 15 जून तक होंगे तबादले
राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैबिनेट से सबसे बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। सरकार ने “राज्य एवं जिला स्तर पर स्थानांतरण नीति वर्ष 2026” को मंजूरी दे दी है:
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तबादलों से हटेगा बैन: आगामी 1 जून 2026 से 15 जून 2026 तक की अवधि के लिए तबादलों से प्रतिबंध हटा लिया जाएगा।
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किसे कहाँ से मिलेगी मंजूरी: जिला एवं राज्य संवर्ग के तृतीय (Class-3) एवं चतुर्थ श्रेणी (Class-4) के कर्मचारियों का जिले के भीतर ट्रांसफर जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से होगा। वहीं, प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के तबादले मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद ही फाइनल होंगे।
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विशेष छूट: पति-पत्नी के एक ही स्थान पर पदस्थापन और गंभीर बीमारी के मामलों में होने वाले तबादलों को निर्धारित प्रतिशत या संख्या की सीमा से बाहर (अतिरिक्त) रखा गया है।
किसानों के लिए ₹11,608.47 करोड़ की फसल बीमा योजना
मंत्रि-परिषद ने किसानों के हक में बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) तक निरंतर जारी रखने के लिए 11,608.47 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
₹1000 न्यूनतम दावा राशि का नियम: सरकार ने तय किया है कि पात्र किसानों को प्रत्येक सीजन में न्यूनतम 1,000 रुपये का दावा भुगतान किया जाएगा। यदि बीमा कंपनी का दावा इससे कम बनता है, तो अंतर की राशि का भुगतान राज्य सरकार खुद वहन करेगी।
वृद्धजनों, दिव्यांगों और कल्याणी महिलाओं की पेंशन के लिए ₹15,184 करोड़
सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत चलाई जा रही पेंशन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर चलाने के लिए कैबिनेट ने 15,184.42 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की है:
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन: इसके तहत 2,123.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली 40 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी महिलाओं को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती रहेगी।
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समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन: इसके लिए 13,061 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक के निराश्रित वृद्धों, 40% से अधिक निशक्तता वाले दिव्यांगों और 50 वर्ष से अधिक की अविवाहित महिलाओं को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन का भुगतान किया जाता है।
सिवनी और देवास में हर घर नल: ₹593 करोड़ मंजूर
ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या को दूर करने के लिए सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के लिए 593 करोड़ 24 लाख रुपये की पुनरीक्षित (Revised) प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
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बंडोल योजना की लागत बढ़ाकर 266.17 करोड़ रुपये की गई है (इसमें 4 नए गांव और 30 बसाहटें जोड़ी गई हैं)।
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नेमावर योजना की लागत बढ़ाकर 327.07 करोड़ रुपये की गई है (इसमें 21 नए गांव और 11 छूटी हुई बसाहटें शामिल की गई हैं)। जल जीवन मिशन की गाइडलाइन के तहत अब इन क्षेत्रों के हर परिवार को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।
महिला सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण स्वीकृतियां:
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महिला एवं बाल सुरक्षा: वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक महिला एवं बाल सुरक्षा योजनाओं के लिए 156 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 113.50 करोड़, पॉक्सो (POCSO) पीड़ितों की देखभाल के लिए 27.50 करोड़ और शौर्य दल योजना के लिए 15 करोड़ रुपये शामिल हैं।
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नए जिलों में चाइल्ड हेल्पलाइन: चाइल्ड हेल्पलाइन का विस्तार अब पूर्व के 51 जिलों के साथ-साथ राज्य के 4 नए जिलों— निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा और मऊगंज में भी जिला स्तर पर किया जाएगा।
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श्रमिक कल्याण योजनाएं: मजदूरों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के लिए 1779.07 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
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लोक सेवा गारंटी अधिनियम: इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 360 करोड़ रुपये आवंटित।
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अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान (AIGGPA): सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान के बेहतर संचालन के लिए 373 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

