मप्र श्रम संशोधन 2025: अब हड़ताल या उद्योग बंद की पहले से 6‑सप्ताह (1.5‑महीने) की सूचना देना अनिवार्य – तीन श्रम कानूनों में प्रमुख बदलाव
मप्र श्रम संशोधन 2025: अब हड़ताल या उद्योग बंद की पहले से 6‑सप्ताह (1.5‑महीने) की सूचना देना अनिवार्य – तीन श्रम कानूनों में प्रमुख बदलाव
मप्र श्रम संशोधन 2025: अब हड़ताल या उद्योग बंद की पहले से 6‑सप्ताह (1.5‑महीने) की सूचना देना अनिवार्य – तीन श्रम कानूनों में प्रमुख बदलाव।वर्षों पुराने श्रम कानूनों में तीन संशोधन विधेयक गुरुवार को विधानसभा में पारित हो गए।
इनमें ठेका श्रम अधिनियम 1970, कारखाना अधिनियम 1948 और औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 शामिल हैं। ठेका श्रम अधिनियम में संशोधन के बाद अब 50 से अधिक मजदूर होने पर पंजीयन की आवश्यकता होगी। हालांकि, पीएफ, ईएसआइ जैसे नियम कम संख्या पर भी लागू होंगे।
इसी तरह से कारखाना अधिनियम में 20 की जगह 40 मजदूर होने पर पंजीयन जरूरी होगा। औद्योगिक विवाद अधिनियम में कारखाना बंद करने के छह सप्ताह पहले नियोक्ता को सूचना देनी होगी। इसी तरह से श्रमिकों को हड़ताल करने के लिए भी नियोक्ता को छह सप्ताह पहले बताना होगा। चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने इन विधेयकों को मजूदरों के हित के विपरीत बताया।
कांग्रेस की ओर से हीरालाल अलावा, सोहन लाल वाल्मीकि व अन्य सदस्यों ने कहा कि ऐसे में तो मजदूर अब हड़ताल ही नहीं कर पाएंगे। उनका शोषण होगा। सरकार की ओर श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा दोनों के हितों का ध्यान रखा गया है।
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जैसे हड़ताल की सूचना मजदूर के लिए जरूरी है उसी तरह से नियोक्ता को तालाबंदी के पहले बताना होगा। कांग्रेस ने विधेयकों के विरोध में दो मिनट के लिए बहिर्गमन कर नारेबाजी की। इसी बीच घ्वनिमत से तीनों संशोधन विधेयक पारित हो गए। मप्र श्रम संशोधन 2025: अब हड़ताल या उद्योग बंद की पहले से 6‑सप्ताह (1.5‑महीने) की सूचना देना अनिवार्य – तीन श्रम कानूनों में प्रमुख बदलाव








