MP Cabinet Decisions: मंत्रियों की ‘ताकत’ बढ़ी, अब ₹25000 तक कर सकेंगे मदद; छोटे ठेकेदारों की भी बल्ले-बल्ले, डामर की महंगाई सहेगी सरकार। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने एक तरफ राज्य मंत्रियों के विवेकाधीन कोटे (स्वैच्छानुदान) में इजाफा किया है, वहीं दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी (PWD) के छोटे ठेकेदारों को बड़ी राहत दी है।
MP Cabinet Decisions: मंत्रियों की ‘ताकत’ बढ़ी, अब ₹25000 तक कर सकेंगे मदद; छोटे ठेकेदारों की भी बल्ले-बल्ले, डामर की महंगाई सहेगी सरकार
मंत्रियों का बढ़ा स्वैच्छानुदान: अब तुरंत मिलेगी मदद
कैबिनेट ने राज्य मंत्रियों के लिए स्वैच्छानुदान की सीमा में 50% से अधिक की वृद्धि की है।
-
नई सीमा: अब राज्य मंत्री जरूरतमंदों को 16 हजार के बजाय 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दे सकेंगे।
-
फायदा: इस फैसले से क्षेत्रीय स्तर पर बीमारी, शिक्षा या अन्य आकस्मिक जरूरतों के लिए मंत्रियों के पास पहुँचने वाले लोगों को अब पहले से अधिक राशि की त्वरित सहायता मिल सकेगी।
छोटे ठेकेदारों के लिए ‘डामर’ हुआ सस्ता!
सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए ठेकेदारों के हित में एक बड़ा तकनीकी निर्णय लिया है।
-
महंगाई की भरपाई: डामर (बिटुमिन) की कीमतों में जो उतार-चढ़ाव होता है, उसके कारण ठेकेदारों को नुकसान हो रहा था। अब डामर की बढ़ी हुई कीमतों का भार मध्य प्रदेश सरकार स्वयं वहन करेगी।
-
किसे मिलेगा लाभ: यह व्यवस्था 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले निर्माण कार्यों पर लागू होगी।
-
मकसद: इससे छोटे ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा और गाँवों व छोटे शहरों में चल रहे सड़क निर्माण कार्य बीच में नहीं रुकेंगे।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से न केवल प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति भी सुनिश्चित होगी। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने और लागत को नियंत्रित करने के लिए यह एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।

