भोपाल। Madhya Pradesh Board of Secondary Education के विद्वानों ने हाल ही में रिजल्ट सुधारने के नाम पर बेस्ट ऑफ फाइव का फार्मूला लागू किया था, जो फेल हो गया है। अब नया परीक्षा पैटर्न लागू किया गया। इस बार फिर दावा किया जा रहा है कि नई परीक्षा पैटर्न से पढ़ने वाले बच्चों को टॉप करना आसान हो जाएगा और पढ़ाई में कमजोर बच्चों को पासिंग मार्क्स प्राप्त करना मुश्किल नहीं रहेगा।
MP BOARD के बेस्ट ऑफ फाइव फार्मूले का क्या हुआ
10वीं हाई स्कूल एवं 12वीं हाई सेकेंडरी स्कूल के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश के विद्वानों ने बेस्ट ऑफ फाइव फार्मूला लागू किया था। दोनों कक्षाओं में कुल 6 विषय पढ़ाए जाते हैं। फार्मूला यह था कि जिन पांच विषयों में सबसे अच्छे नंबर होंगे उन्हें मार्कशीट पर छापा जाएगा और उसी के हिसाब से रैंक निर्धारित होगी। यदि कोई स्टूडेंट पांच विषयों में टॉप करता है और छठवें विषय में फेल हो जाता है तो उसे टॉपर घोषित किया जाएगा। जब स्टूडेंट्स को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने छठवें विषय की पढ़ाई ही बंद कर दी। जो समस्या छह विषयों में आ रही थी वही समस्या 5 विषयों में आने लगी। सरकारी विद्वान फार्मूला लागू करने से पहले इतनी सी बात भी नहीं समझ पाए थे। इसलिए फार्मूला फेल हो गया।
MP BSE 10वीं-12वीं का नया परीक्षा पैटर्न क्या है
नई शिक्षा नीति के नाम पर परीक्षा पैटर्न बदल दिया गया है।
पिछले साल तक पेपर में अधिकतम 25% तक ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन आते थे।
इस साल से 40% क्वेश्चन ऑब्जेक्टिव टाइप होंगे।
40% प्रश्न विषय पर आधारित पूछे जाएंगे।
मात्र 20% प्रश्न विश्लेषणात्मक उत्तर के लिए पूछे जाएंगे।

