MP कैबिनेट के बड़े फैसले: मोहन यादव सरकार की ‘लाड़ली बेटियों’ को तोहफा, शुजालपुर को मिला नया लॉ कॉलेज; मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अगले 5 साल तक रहेगी जारी
MP कैबिनेट के बड़े फैसले: मोहन यादव सरकार की 'लाड़ली बेटियों' को तोहफा,शुजालपुर को मिला नया लॉ कॉलेज; मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अगले 5 साल तक रहेगी जारी

MP कैबिनेट के बड़े फैसले: मोहन यादव सरकार की ‘लाड़ली बेटियों’ को तोहफा,शुजालपुर को मिला नया लॉ कॉलेज; मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अगले 5 साल तक रहेगी जारी
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं और कार्यों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह और कल्याणी विवाह सहायता योजना अगले 5 वर्ष और चलेगी
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को गति देते हुए कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है:
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बजट की स्वीकृति: योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालित रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
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मिलती है इतनी मदद: इस योजना के तहत गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
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रिकॉर्ड: वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम: 525 सरकारी स्कूलों का होगा उन्नयन (Upgrade)
विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुंच बढ़ाने और ड्रॉप आउट (स्कूल छोड़ने की दर) को कम करने के लिए स्कूलों के उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है:
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लक्ष्य: 225 शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और 300 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूलों में अपग्रेड किया जाएगा।
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बजट: इस कार्य के लिए 635 करोड़ 24 लाख रुपये के व्यय प्रस्ताव पर सहमति बनी है।
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चरणबद्ध विकास: वर्ष 2026-27 में पहले चरण के तहत 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन होगा। इसके बाद आगामी दो वर्षों (2027-28 और 2028-29) में भी इसी रफ्तार से प्रतिवर्ष स्कूल अपग्रेड किए जाएंगे।
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विजन: ‘विकसित मध्यप्रदेश@2047’ के तहत वर्ष 2029 तक 100% सकल नामांकन दर (GER) प्राप्त करने का लक्ष्य है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा।
किसानों को राहत: 0% ब्याज दर पर फसल ऋण की नई शर्तें मंजूर
किसानों के आर्थिक संबल के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण (Short-term Crop Loan) देने की योजना की नई शर्तों को मंजूरी दी गई है:
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वार्षिक एकल ऋण सीमा: अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग ड्यू डेट नहीं होगी, बल्कि एक वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी। ऋण की देय तिथि (Due Date) प्रथम आहरण से 12 महीने निर्धारित होगी।
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ब्याज अनुदान: अल्पावधि ऋण लेने वाले किसानों को 1.25% (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 4% प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य सरकार देगी, जिससे किसानों को प्रभावी रूप से 0% ब्याज पर 3 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा।
शुजालपुर (शाजापुर) में खुलेगा नया शासकीय विधि (Law) महाविद्यालय
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए सत्र 2026-27 से शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई है:
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नए पद स्वीकृत: इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद (कुल 17 पद) सृजित करने और 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई है। मोहर्रम पर सुरक्षा सख्त: कटनी में शांति और कानून-व्यवस्था के लिए कलेक्टर के निर्देश पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात
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वजह: बार काउंसिल ऑफ इंडिया के ‘लीगल एजुकेशन रूल्स 2008’ के तहत विधि पाठ्यक्रम को किसी संकाय के बजाय पृथक कॉलेज के रूप में संचालित करना अनिवार्य है।
राशन प्रणाली के लिए 3,580 करोड़ रुपये की मंजूरी
लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के तहत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की निरंतरता को मंजूरी दी गई है।MP कैबिनेट के बड़े फैसले: मोहन यादव सरकार की ‘लाड़ली बेटियों’ को तोहफा,शुजालपुर को मिला नया लॉ कॉलेज; मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अगले 5 साल तक रहेगी जारी
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय क्षेत्रों में विद्युतीकरण (Electrification) के कार्यों को गति देने के लिए केंद्रांश पर देय SGST की राशि राज्य सरकार द्वारा बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।








