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MP Ayushman Yojana: आयुष्मान योजना के नियमों में बड़ा बदलाव; हादसों के लिए ‘गोल्डन ऑवर पैकेज’ शुरू, क्लेम के लिए फोटो और बायोमेट्रिक अनिवार्य

MP Ayushman Yojana: आयुष्मान योजना के नियमों में बड़ा बदलाव; हादसों के लिए 'गोल्डन ऑवर पैकेज' शुरू, क्लेम के लिए फोटो और बायोमेट्रिक अनिवार्य

भोपाल: मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ लेने वाले करोड़ों मरीजों और निजी-सरकारी अस्पतालों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने योजना के पैकेजों, क्लेम की प्रक्रिया और अस्पतालों की मॉनिटरिंग व्यवस्था में व्यापक और क्रांतिकारी बदलाव किए हैं।

अब आयुष्मान योजना के तहत इलाज सिर्फ कागजी रिकॉर्ड या फाइलों के आधार पर नहीं चलेगा। धोखाधड़ी और फर्जी क्लेम पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सरकार ने टियर-1, टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए एक नया अत्याधुनिक डिजिटल पैकेज सिस्टम लागू कर दिया है। इसके तहत अब अस्पतालों को रियल-टाइम डिजिटल रिकॉर्ड में यह दर्ज करना अनिवार्य होगा कि मरीज कब अस्पताल पहुंचा, उसकी स्थिति कितनी गंभीर थी और उसकी कौन-कौन सी जांचें की गईं।

1. हादसों के लिए पहली बार ‘गोल्डन ऑवर पैकेज’ की शुरुआत

सड़क दुर्घटनाओं और अचानक होने वाली गंभीर इमरजेंसी में मरीजों की जान बचाने के लिए सरकार ने पहली बार ‘गोल्डन ऑवर पैकेज’ की घोषणा की है:

  • त्वरित इलाज की गारंटी: एक्सीडेंट के बाद के पहले बेहद महत्वपूर्ण घंटे (Golden Hour) के इलाज के लिए अस्पतालों को अब अलग से विशेष पैकेज दिया जाएगा।

  • क्या-क्या मिलेगा मुफ्त: इस पैकेज में मरीज को तुरंत दी जाने वाली जीवन रक्षक ऑक्सीजन, आईवी फ्लूइड (IV Fluid), इंट्यूबेशन, ट्रॉमा मैनेजमेंट और सभी जरूरी प्राथमिक जांचें पूरी तरह शामिल रहेंगी, ताकि पैसों या अप्रूवल के अभाव में इलाज न रुके।

 2. बर्न केस: झुलसने की गंभीरता (प्रतिशत) के आधार पर होगा भुगतान

झुलसे हुए (Burn) मरीजों के इलाज के लिए अब तक मिलने वाले एक समान पैकेज को खत्म कर दिया गया है। अब इलाज का भुगतान मरीज के जलने के प्रतिशत के आधार पर तय होगा:

  • 25 से 40% तक जलने पर: अस्पताल को 27,750 रुपये तक का पैकेज मिलेगा।

  • 60 से 80% तक जलने पर: गंभीर स्थिति को देखते हुए 67,200 रुपये तक का भारी पैकेज तय किया गया है।

  • कंपलसरी डिजिटल अपलोड: इस क्लेम को पास कराने के लिए अस्पताल को मरीज की लाइव फोटो, इंजरी (चोट) की सटीक जानकारी और डिस्चार्ज दस्तावेज आयुष्मान पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

3. डायलिसिस मरीजों का बार-बार वेरिफिकेशन, एम्बुलेंस की लाइव ट्रैकिंग

  • बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: डायलिसिस कराने वाले मरीजों के क्लेम में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए थंब ऑथेंटिकेशन (अंगूठा लगाना) का दायरा बढ़ा दिया गया है। इलाज के चक्र के दौरान मरीजों को कई बार बायोमेट्रिक सत्यापन करना पड़ सकता है। हालांकि, इमरजेंसी में फोटो आधारित सत्यापन का बैकअप विकल्प भी रहेगा।

  • एम्बुलेंस के लिए तय हुआ किराया: अब एम्बुलेंस के इस्तेमाल की भी लाइव ट्रैकिंग होगी। बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के लिए ₹500 और एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस के लिए ₹1,000 तक का पैकेज निर्धारित किया गया है।

  • ऑपरेशन का लाइव सबूत: अस्पतालों को अब क्लेम राशि हासिल करने के लिए ऑपरेशन थियेटर (OT) की लाइव फोटो, शरीर में डाले गए इंप्लांट का असली बारकोड और पूरी डिस्चार्ज समरी डिजिटल रूप से अपलोड करनी होगी।

आयुष्मान योजना के नए नियम और पैकेज: एक नजर में

इलाज/सुविधा का प्रकार नया नियम / पैकेज की राशि अनिवार्य डिजिटल क्रेडेंशियल (सत्यापन)
गोल्डन ऑवर पैकेज दुर्घटना के पहले 1 घंटे का विशेष इमरजेंसी फंड त्वरित ऑक्सीजन, ट्रॉमा मैनेजमेंट और आईवी फ्लूइड
बर्न केस (25% – 40%) ₹27,750 तक का पैकेज मरीज की लाइव फोटो और इंजरी की स्थिति अपलोड करना
बर्न केस (60% – 80%) ₹67,200 तक का बड़ा पैकेज विस्तृत डिस्चार्ज दस्तावेज और घाव का विवरण
डायलिसिस सत्र निर्धारित पैकेज दर बायोमेट्रिक (थंब) या फोटो ऑथेंटिकेशन
एम्बुलेंस सेवा ₹500 (बेसिक) से ₹1,000 (एडवांस) लाइव ट्रैकिंग और उपयोग का डिजिटल प्रमाण

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