Site icon Yashbharat.com

MP Assembly by elections: मध्य प्रदेश में बसपा की मौजूदगी, “हम भी खेलेंगे नहीं तो खेल बिगाड़ेंगे”

download

MP Assembly by elections मध्य प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव में चार से पांच सीटों पर बहुजन समाज पार्टी ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। ग्वालियर-चंबल संभाग में पार्टी का पुराना जनाधार रहा है। उपचुनाव में पार्टी नेता जनाधार वाले क्षेत्रों पर ही फोकस कर रहे हैं। भांडेर, मुरैना, अंबाह, जौरा और मलहरा में पार्टी चुनौती देने की स्थिति में दिख रही है।

सूत्रों का कहना है कि भांडेर में महेंद्र बौद्ध के प्रत्याशी घोषित होने के बाद यहां तीसरे प्रत्याशी ने उपस्थिति दर्ज करा दी है। भाजपा से रक्षा सिरोनिया तो कांग्रेस से फूलसिंह बरैया मैदान में हैं। पिछले दिनों बरैया ने सवर्ण समाज की महिलाओं को लेकर जो विवादित बयान दिया था, उससे कांग्रेस को नुकसान की आशंका है।

बौद्ध के व्यक्तिगत संपर्क होने के कारण बहुजन समाज का वोट उनके पक्ष में जा सकता है। मुरैना में बसपा का परंपरागत वोट बैंक काफी अधिक है। यहां से रामप्रकाश राजौरिया पार्टी प्रत्याशी हैं। राजौरिया 2013 के विधानसभा चुनाव में 1704 मतों के कम अंतर से पराजित हुए थे। इधर, जौरा में 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी और 2013 में जीत हासिल की थी।

https://yashbharat.com/archives/71090

पूर्व विधायक सोनेराम कुशवाह यहां से मैदान में हैं। इस सीट पर भी पार्टी चुनौती देने की स्थिति में है। इसके अलावा मलहरा से पूर्व मंत्री अखंडप्रताप सिंह यादव और अंबाह से भानुप्रताप सखवार की स्थिति में सुधार हुआ है। नुक्कड़ बैठकों ने बदला माहौल पार्टी नेताओं का कहना है कि उपचुनाव की घोषणा के कुछ दिन बाद से ही नुक्कड़ बैठकों का आयोजन शुरू कर दिया था।

बड़ी सभाएं नहीं होने से सार्वजनिक रूप से पार्टी का प्रचार-प्रसार नहीं हुआ, लेकिन नुक्कड़ बैठकों और व्यक्तिगत संपर्क से बहुजन समाज के मतदाताओं को पार्टी अपने पक्ष में लाने में सफल दिख रही है। इन बैठकों में पार्टी को समर्थन का दावा किया जा रहा है। हालांकि यह समर्थन वोट की सूरत में पार्टी को कितना लाभ पहुंचा पाता है, यह चुनाव नतीजों के बाद ही पता चलेगा।

Exit mobile version