Site icon Yashbharat.com

MP हाई कोर्ट: दुष्कर्म की वारदात पर कहा- मप्र में हालात खतरनाक

consumer court

इंदौर। मध्यप्रदेश में हो रहीं दुष्कर्म की वारदात को लेकर इंदौर हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपित की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने माना कि प्रदेश में हालात खतरनाक हैं। लगता है अपराधियों को कानून का कोई डर ही नहीं है।

मप्र के रतलाम जिले में दिसंबर 2017 में हुए सामूहिक दुष्कर्म के आरोपित की तरफ से हाई कोर्ट में दायर जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी गई। याचिका में कहा गया था कि आरोपित छह महीने से जेल में है। सेशन कोर्ट में चालान पेश हो चुका है और पीड़िता भी अपने बयान से पलट चुकी है।

ऐसे में आरोपित को जमानत पर रिहा किया जाए। जस्टिस रोहित आर्य ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपित को जमानत पर रिहा कर दिया गया तो समाज में अच्छा संदेश नहीं जाएगा।

यह भी कहा जज ने जज ने कहा कि समाचार पत्रों में लगातार प्रकाशित हो रही खबरों से मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश में हालात खतरनाक हैं। ऐसा लगता है अपराधियों में कानून का कोई भय ही नहीं है। प्रदेश में दुष्कर्म की वारदात लगातार बढ़ रही हैं। महिलाएं और खासकर स्कूल जाने वाली बच्चियां भयभीत हैं। जिन एजेंसियों पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वे अपना दायित्व नहीं निभा पा रहीं। प्रदेश में लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराना पुलिस के लिए गंभीर चुनौती है।

मेरी जानकारी में नहीं

हाई कोर्ट द्वारा क्या टिप्पणी की गई है, यह मेरी जानकारी में नहीं है। जब विषय सामने आएगा, तभी कुछ कहा जा सकेगा। -मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, गृृह (मप्र)

Exit mobile version