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MP में पुलिसकर्मियों को 240 घंटों में न मिलेगी छुट्टी, न छोड़ सकेंगे मुख्यालय, जानिये क्यों

भोपाल। एक से दस जून के बीच आयोजित गांव बंद आंदोलन में पुलिस के लिए ये 240 घंटे चुनौती भरे हैं, इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने जिलों को सख्त निर्देश दिए हैं। इन दिनों में पुलिसकर्मियों की छुट्टी निरस्त करने के अलावा अधिकारियों को कहा गया है कि छुट्टी स्वीकृत न करें।

पुलिस मुख्यालय के आईजी इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला इकाइयां शांतिपूर्ण ढंग से अपने स्तर पर तैयारियां कर रही हैं। कुछ संगठनों ने ज्ञापन देकर और प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ चर्चा में आश्वासन दिया है कि उनका आंदोलन ‘गांव छुट्टी” है, जिसमें ग्रामीणजन अवकाश पर रहेंगे। इसमें उनकी तरफ से कोई भी अशांतिपूर्ण गतिविधि नहीं की जाएगी।

उज्जैन सहित भोपाल-महाकोशल क्षेत्र ज्यादा संवेदनशील

पुलिस मुख्यालय के सूत्र बताते हैं कि उज्जैन संभाग के सभी जिलों को संवेदनशील माना गया है। वहीं, इंदौर में आलीराजपुर, झाबुआ और बड़वानी जैसे जिलों को छोड़कर दूसरे जिलों में आंदोलन के तहत किसानों की सक्रियता रहेगी। इस बार भोपाल और इसके आसपास के होशंगाबाद, हरदा, राजगढ़, रायसेन, सीहोर इस दृष्टि से संवेदनशील जिले माने जा रहे हैं। महाकोशल में जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट का कुछ हिस्सा आंदोलन से प्रभावित रहेगा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी श्योपुर और मुरैना को पुलिस मुख्यालय की रिपोर्टों में किसान आंदोलन की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है।

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