MP के दामाद हैं रावण: इस कारण गांव में जमाई राजा की होती है पूजा !

मंदसौर: पूरे देश में आज बुराई के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जा रहे हैं, लेकिन एक जगह ऐसी भी है। जहां रावण का पुतला नहीं जलाया जाता, बल्कि रावण की पूजा होती है। हाथों में आरती की थाली, ढोल नगाड़े बजाते हुए ये लोग, दशहरा उत्सव पर भगवान राम की झांकी में नहीं जा रहे हैं। बल्कि यह बुराई के प्रतीक दशानन रावण की पूजा करने जा रहे हैं।

यह है मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले का गांव खानपूरा। जहां लंकापति रावण की एक विशाल प्रतिमा स्थापित है। .यहां पर रावण की पूजा अर्चना की जाती है, दशहरा पर्व पर सुबह से लोग पूजा करने आते हैं। रावण की आरती उतारते हैं। यहां नामदेव समाज पिछले 300 से अधिक वर्षों से दशानन रावण की पूजा करता करता आ रहा है। नामदेव समाज रावण की पत्नी मंदोदरी को अपनी बेटी मानता है,.इस नाते यहां के लोग रावण को अपना जमाई मानते है और पूजा भी करते है।

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