MP केबिनेट का फैसला: सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयुसीमा 35 साल तय, बाहरियों को सात साल का फायदा

भोपाल। प्रदेश सरकार ने लोकसेवा आयोग के माध्यम से होने वाली सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा में संशोधन करसबके लिए एक समान कर दिया है। अब राजपत्रित/अराजपत्रित कार्यपालिक पदों के लिए अधिकतम आयुसीमा 35 साल रहेगी। पहले यह आयु सीमा 28 साल थी। इसका सीधा लाभ अन्य प्रांतों के आवेदकों को मिलेगा। वहीं, प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, शासकीय, निगम, मंडल, स्वशासी संस्था के कर्मचारी, नगर सैनिक, नि:शक्तजन और महिलाओं को पांच साल की छूट दी जाएगी। इस प्रकार इन्हें 40 साल की आयु तक नौकरी में आने का मौका मिलेगा।

जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकारी सेवाओं के लिए राज्य लोकसेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले पदों के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा तय कर दी है। यह अब 21 से 35 वर्ष रहेगी। 12 मई 2017 से यह आयु सीमा 21 से 28 वर्ष थी। लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष थी। इसे 18 से 32 वर्ष कर दिया है।

वहीं, प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, शासकीय, निगम, मंडल, स्वशासी संस्था के कर्मचारी, नगर सैनिक, नि:शक्तजन और महिलाओं (अनारक्षित/आरक्षित) को राज्य लोकसेवा आयोग के माध्यम से होने वाली भर्ती और लोकसेवा आयोग की परिधि के बाहर के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए पांच साल की छूट रहेगी। बाहरियों के लिए आयु सीमा सात साल बढ़ाए जाने से प्रदेश के युवाओं को मिलने वाली छूट में कमी आई है।

सूत्रों का कहना है कि उच्च शिक्षा में सहायक प्राध्यापक की भर्ती में अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष रखी गई थी, लेकिन प्रदेश के मूलनिवासियों को आयुसीमा में छूट दी गई। इसके आधार पर अन्य प्रांत के आवेदकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर सरकार के खिलाफ फैसला आया।

विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की, लेकिन यहां से भी राहत नहीं मिली। कोर्ट का कहना था कि भर्तियों में इस तरह से भेदभाव नहीं किया जा सकता है। यह संविधान की भावना के खिलाफ है।

अभी तक ऐसे मिलती थी प्रदेश के मूल निवासियों को छूट

वर्ग–पीएससी से भरे जाने वाले पद–पीएससी के दायरे से बाहर की भर्ती (तृतीय/चतुर्थ श्रेणी)

(निगम, मंडल, स्वशासी संस्था के कर्मचारी व नगर सैनिक)

(अजा, अजजा, ओबीसी)

(नोट- प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थियों को किसी भी स्थिति में अधिकतम आयु सीमा में छूट नहीं दी गई थी।)

बांध या नहर टूटने से नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा

प्रदेश सरकार ने बांध या नहर के टूटने से होने वाले नुकसान की भरपाई करने का फैसला किया है। जनसंपर्क मंत्री ने बताया कि राजस्व परिपत्र पुस्तिका में संशोधन करके यह प्रावधान जोड़ा गया है कि इस तरह के नुकसान को भी प्राकृतिक आपदा माना जाएगा और पीड़ित को मुआवजा मिलेगा।

कर्जमाफी दो सप्ताह में शुरू होगी

जनसंपर्क मंत्री ने बताया कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता की वजह से कर्जमाफी प्रभावित हुई थी। इसे दो सप्ताह में फिर शुरू किया जाएगा। सरकार हर पात्र किसान को कर्जमाफी का लाभ देगी। वहीं, किसानों की कर्ज चुकाने की मियाद को 15 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दिया है।

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