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20 वर्षो से गोसलपुर शंकर कालोनी में हो रही माँ की आराधना

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20 वर्षो से गोसलपुर शंकर कालोनी में हो रही माँ की आराधन

सहायक उप निरीक्षक शशिभूषण दुबे ने बताया नवरात्र का मानाने का महत्

कटनी। सिहोरा के गोसलपुर शंकर कालोनी में मां जगतजननी की आराधना अष्ठभुजा के रूप में होती है। यह मंदिर क्षेत्र के लोगो के लिए आराधना का केंद्र बिंदु है। चैत्र और शारदेय नवरात्र के अवसर पर यहां 9 दिनों तक श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ माँ की सेवा करते है। शारदेय नवरात्र के अवसर पर मंदिर में इस वर्ष विविध आयोजन किए जाएंगे। जानकारी देते हुए क्षेत्र के शशिभूषण दुबे ने बताया कि मंदिर में नौ दिनों तक अखंड ज्योति और जवारा कलश श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा अनुसार रखते है। नौ दिनों तक मंदिर में विविध आयोजन जिसमे माँ का अलग;अलग रूप में श्रृंगार, महाआरती, भजन संध्या सहित अनुष्ठान किए जाते है। इस वर्ष कल गुरुवार से शारदेय नवरात्र प्रारम्भ हो रही है। माँ इस नवरात्र पालकी पर सवार हो कर आ रही है। शारदेय नवरात्र को लेकर मंदिर में विशेष तैयारियां की गई है।

सहायक उप निरीक्षक शशिभूषण दुबे ने बताया नवरात्र का मानाने का महत्व

समस्त देवी देवता एवं हम सभी महिषासुर दानव की अत्याचार से बहुत प्रताड़ित हो रहे हैं तो मृत्यु लोक के सभी 84 लाख योनियों को बहुत कष्ट होरहे हैं आप महिषासुर दानव के अत्याचार से हम सभी की रक्षा करने केलिए महिषासुर का बंध कीजिये माता रानी मां दुर्गा ने तीनों देवों की प्रार्थना को स्वीकार कर महिषासुर दानव का। बंध करने के लिए मां दुर्गा ने महिषासुर बधके। लिए अपनेको नौ रुपों मैं पहले शैलपुत्री दूसरी ब्रह्मा चारिणी तीसरी चंद्र घंटा चौथी कूष्माण्डा पांचवी स्कंद माता छठमी कात्यायनी देवी सातवी कालरात्रि आठवी महागौरी माता रानी नोवमी सिद्धि धात्री के नो अवतार लिया और ब्रह्म बिष्णु शिव की रक्षा करने केलिए महिषासुर बंध करने नो दिन नो रात्रि भयंकर युद्ध हुआ जिससे तीन लोग चौदह भुवन मैं हाआ कार मंच गया इस युद्ध को देखने के लिए देबी देवता मनुष्य एवं स्वयं नर नारायण ने इस भयंकर युद्ध को देखते रहे यह युद्ध नो दिन नो रात्रि चला 10 वे दिन महिषासुर बंध करने के वाद अपने धाम जल मार्ग से पताल लोग को जाने लगी तो सभी देवी देवता रोने लगे और विनम्र प्रार्थना करने लगे की मां आप ना जाए तब मां ने कहा कि आप लोग स्वतंत्र रहिए मैं धर्म की रक्षा के लिए एक साल में चार बार आतीरहूंगी और माता रानी ने कहा मैं आज से एक साल में चार नवरात्रि होगी एक चैत्र मास कुवार माम एवं दो गुष्त नवरात्रि होती है इस बार माता रानी पालकी पर बैठकर आ रही है पाताल लोक से और हमारे बीच 10 दिन तक रहेगी हम सभी के सौभाग्य की बात है इस वर्ष माता रानी खुश होकर आ रही है

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