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पैसा, शोहरत और करियर… सब कुछ ठाकुर जी पर वारा- संत प्रेमानंद महाराज की शरण में आईं एक्ट्रेस प्रणवी; अब बनीं साध्वी भगवती

Glamour to Spirituality: कृति सेनन की को-स्टार ने छोड़ा एक्टिंग करियर- अध्यात्म की राह पर चलीं प्रणवी तिवारी; वृंदावन में बनीं 'साध्वी भगवती'

पैसा, शोहरत और करियर… सब कुछ ठाकुर जी पर वारा- संत प्रेमानंद महाराज की शरण में आईं एक्ट्रेस प्रणवी; अब बनीं साध्वी भगवती

मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड की चमक-दमक, लाखों की फैन फॉलोइंग और आलीशान जिंदगी को छोड़कर ईश्वर की भक्ति में लीन हो जाना… सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन एक्ट्रेस प्रणवी तिवारी ने इसे हकीकत में बदल दिया है। मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन (Kriti Sanon) के साथ स्क्रीन शेयर कर चुकीं और कई बड़े विज्ञापनों (Ad Films) का मुख्य चेहरा रहीं प्रणवी तिवारी ने ग्लैमर की दुनिया को हमेशा के लिए टाटा-बाय-बाय कह दिया है। वे अब वृंदावन में कृष्ण भक्ति के रंग में रंगकर ‘साध्वी’ बन चुकी हैं।

एयर होस्टेस से अभिनेत्री और फिर ‘भगवती’ बनने का सफर

प्रणवी तिवारी ने हाल ही में ‘मेरो वृंदावन’ पॉडकास्ट में अपनी इस हैरान कर देने वाली और दिव्य आध्यात्मिक जर्नी (Spiritual Journey) का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक सफल करियर के बावजूद उनके मन के भीतर एक अजीब सी छटपटाहट थी:

  • करियर का पीक और अकेलापन: प्रणवी तिवारी पहले एक एयर होस्टेस थीं, जिसके बाद उन्होंने शोबिज में कदम रखा। उन्होंने कृति सेनन के साथ बड़े विज्ञापनों में काम किया और कई एड फिल्मों में वे लीड एक्ट्रेस भी रहीं। उनके पास पैसा, शोहरत, काम और एक बेहतरीन परिवार… सब कुछ था। पैसा, शोहरत और करियर… सब कुछ ठाकुर जी पर वारा! संत प्रेमानंद महाराज की शरण में आईं एक्ट्रेस प्रणवी; अब बनीं साध्वी भगवती

  • मन की बेचैनी का दर्द: प्रणवी ने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए कहा, “चकाचौंध की इस दुनिया में सब कुछ होते हुए भी मुझे हर वक्त एक अजीब सी कमी खलती थी। मुझे शोबिज में अकेलेपन और मन की भारी बेचैनी का अहसास होता था। मेरे पास सब था, लेकिन आत्मिक शांति नहीं थी।”

संत प्रेमानंद महाराज के विचारों का पड़ा ऐसा असर, बदल गया जीवन

प्रणवी के जीवन में असली यू-टर्न साल 2025 में आया, जब उन्होंने पहली बार ठाकुर जी की नगरी वृंदावन की धरती पर कदम रखा:

  • गुरुदेव की शरण में दीक्षा: फरवरी 2025 में प्रणवी ने वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचनों को सुनना शुरू किया। महाराज जी के शब्दों ने उनके अशांत मन को ऐसी शांति दी कि उन्होंने सब कुछ छोड़कर अध्यात्म की राह पर जाने का मन बना लिया।

  • मई 2026 में त्यागा संसार: प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेना बेहद कठिन माना जाता है, लेकिन वृंदावन में एक गुरुभाई की मदद से वे महाराज जी से मिलीं और उनसे दीक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार को मनाया और मई 2026 में अपना सब कुछ त्यागकर हमेशा के लिए वृंदावन आ गईं।

अब ‘भगवती’ है नई पहचान: प्रणवी तिवारी को अब वृंदावन में ‘भगवती’ के नाम से जाना जाता है। ग्लैमरस कपड़ों को छोड़कर अब वे संन्यासियों के वेश में रहती हैं। वे अब पूरी तरह प्रेमानंद महाराज के मार्गदर्शन में राधा-कृष्ण की भक्ति, नाम-जप और सेवा में अपना दिन-रात बिता रही हैं। उनका कहना है कि अब जाकर उनके मन को वो परम शांति मिली है, जिसकी तलाश वे बरसों से कर रही थीं।

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