कोरोना महामारी के बीच अपनी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के मद्देनजर जापान अब भारत और बांग्लादेश को महामारी से उबरते एक बड़े बाजार के तौर पर देख रहा है।
इसके मद्देनजर जापान ने चीन से भारत में ठिकाना शिफ्ट करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन की पेशकश की है। जापान इस संबंध में चीन से आपूर्ति निर्भरता कम करना चाहता है।
निक्की की रिपोर्ट के अनुसार, सब्सिडी कार्यक्रम के दायरे का विस्तार करने वाले जापान का लक्ष्य एक विशेष क्षेत्र पर अपनी निर्भरता का कम करना और एक ऐसी प्रणाली विकसित करना है, जो आपातकाल में चिकित्सा सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की एक स्थायी आपूर्ति मुहैया करा सके।
जापान सरकार ने आसियान क्षेत्र में अपने विनिर्माण स्थलों को फैलाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी वास्ते 2020 पूरक बजट में 23.5 बिलियन येन आवंटित किया है।
3 सितंबर को शुरू हुए अनुप्रयोगों के दूसरे चरण के साथ आसियान-जापान आपूर्ति श्रृखंला में लचीलापन लाते हुए परियोजनाओं के लिए स्थानांतरण स्थलों की सूची में भारत और बांग्लादेश को भी शामिल कर लिया गया है।
कई अरब येन की सब्सिडी देगा जापान
निक्की का कहना है कि चीन से अपने विनिर्माण स्थलों को भारत स्थानांतरित करने वाली कंपनियों को सब्सिडी के तौर पर जापान से मिलने वाली सहायता राशि कई अरब येन में है। इस समय जापानी कंपनियों की आपूर्ति श्रंखला ज्यादातर चीन पर निर्भर करती है। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान आपूर्ति में कटौती की गई थी।

